संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती नगर का सरस्वती धाम अब पहले से और विकसित हो जाएगा। यहां डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से यहां रिवर फ्रंट और कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
ऐसे में भविष्य में पर्यटकों की संख्या और बढ़ जाएगी। पहले फेज में पर्यटकों के लिए बोट चलाई जाएगी, उसके बाद कॉरिडोर। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने में लगी हुई है। धाम पर रिवर फ्रंट और कॉरिडोर का निर्माण तो होगा, साथ ही रिटर्निंग वॉल, नए घाटों का निर्माण तथा मंदिर की सीढि़यां बनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि व्यासपुर आजात आश्रम से लेकर सरस्वती धाम तक के 20 किलोमीटर के क्षेत्र को सरस्वती धाम कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरस्वती धाम कॉरिडोर बनने से क्षेत्र में पर्यटन व धार्मिक गतिविधियों को अत्याधिक बढ़ावा मिलेगा। सरस्वती धाम पर रिवर फ्रंट बनाने के साथ-साथ बोटिंग की गतिविधियां व एम्यूजमेंट पार्क का निर्माण भी किया जाएगा।
यहां आने जाने वाले युवाओं, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की सुविधा के लिए ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा। यहां पर आकर्षक लाइटिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट आगामी छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। सरस्वती नदी का जल जब लगातार प्रवाहित होगा तो इससे इस क्षेत्र का वाटर लेवल भी ऊपर आएगा व डार्क जोन की समस्या का भी काफी हद तक समाधान हो सकेगा। सरस्वती धाम कॉरिडोर बनने से इस पूरे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।