संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों पर पेड़ों की कटाई के बाद उनकी जड़-मूल को नहीं हटाए जाने से सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क किनारे और कई स्थानों पर सड़क की सतह से ऊपर उभरी पेड़ों की जड़ें वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग ने पेड़ तो काट दिए लेकिन उनकी जड़-मूल को हटाने या जमीन समतल करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कन्हैया चौक निवासी प्रदीप ने बताया कि सड़क के किनारे निकली जड़ें दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालक ओवरटेकिंग के दौरान इन जड़ों की चपेट में आ जाते हैं। संतुलन बिगड़ने से कई लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो चुके हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में मामूली चोटें आई हैं, लेकिन किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नवाब ने बताया कि कम रोशनी या तेज रफ्तार के कारण कार चालक सड़क किनारे उभरी जड़मूल को समय रहते नहीं देख पाते। ऐसे में वाहन अचानक उछल जाता है या चालक नियंत्रण खो बैठता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। एक दिन उनकी कार इन पर चढ़ गई, इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे मौजूद पेड़ों की बची हुई जड़ों को जल्द हटाया जाए तथा प्रभावित स्थानों की मरम्मत कर सड़क को समतल बनाया जाए।
समस्या के समाधान को लेकर वन विभाग को पत्र लिखा जाएगा, वहीं रोड सेफ्टी की बैठक में समस्या के सामधान के लिए अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। - संदीप कुमार, यातायात थाना प्रभारी।