संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार पड़ रही तेज धूप के कारण मौसम में तेजी से बदलाव आया है। दिन के समय गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात में ठंड बरकरार है। तापमान के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और सांस संबंधी मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों रोजाना करीब 80 मरीज मौसम बदलने से एलर्जी और सांस की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पहले यह संख्या लगभग 30 से 40 के आसपास थी। यानी एक सप्ताह में ऐसे मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।
डॉक्टरों के अनुसार तापमान में अचानक वृद्धि और दिन-रात के अंतर से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है, जिससे लोग जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना कांबोज ने बताया कि बदलते मौसम का असर बच्चों पर तेजी से पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि दिन में धूप और रात में ठंड के कारण बच्चे सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं। कफ, कोल्ड के साथ डायरिया और निमोनिया के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लापरवाही बरतना बच्चों के लिए भारी पड़ सकता है। एलर्जी और अस्थमा के मरीजों को भी इन दिनों विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। धूल, पराग कण और तापमान में बदलाव सांस की समस्या को बढ़ा देते हैं। कई मरीजों को इन्हेलर का उपयोग बढ़ाना पड़ रहा है।
गुनगुना पानी पीएं : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि लोगों को गुनगुना पानी पीना चाहिए और समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। वहीं जो मरीज नियमित इन्हेलर का प्रयोग करते हैं, वे उसे हर समय अपने पास रखें। मौसम परिवर्तन के दौरान इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए खानपान और दिनचर्या में विशेष ध्यान रखना जरूरी है। छोटे बच्चों को दो-दो घंटे पर दूध पिलाने, परिवार में किसी सदस्य को सर्दी-जुकाम होने पर बच्चे से दूरी रखने और मास्क का उपयोग करना चाहिए। बच्चों को प्रोटीनयुक्त भोजन दें। यदि बच्चा सुस्त हो या उसकी सांस तेज चल रही हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।