संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। ईंट-भट्ठा उद्योग में गहराता संकट अब केवल भट्ठा संचालकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर निर्माण कार्यों और आम लोगों की जेब पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कोयले की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के चलते ईंट उत्पादन महंगा और अस्थिर होता जा रहा है।
वहीं इसी को लेकर जिला ईंट-भट्ठा एसोसिएशन की बैठक प्रधान बीर सिंह की देखरेख में व्यासपुर में आयोजित की गई, जिसमें उद्योग से जुड़े कई संचालकों ने वर्तमान हालात पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि अमेरिकी कोयले की कीमतों में लगातार वृद्धि और 18 प्रतिशत जीएसटी के कारण उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है। कोयले के दामों में करीब 45 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
संचालकों के अनुसार, समय पर कोयले की आपूर्ति न होने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो कई भट्ठों पर काम बंद हो जाएगा। नरेश कांबोज, अंशुल गोयल, अमित गुलाटी, मांगेराम, सुरिंद्र सिंगला, पवन कुमार, जगदीप मलिक और कुलदीप सिंह ने सरकार से मांग की है किजीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए।