संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मौसम में बदलाव के बाद जिले में वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले एक सप्ताह से जिला नागरिक अस्पताल में वायरल से पीड़ित मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल से पूरी दवा नहीं मिल रही है।
मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर ओपीडी में चेकअप करवाने, टेस्ट कराने और दवाएं लेने तक लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। मरीजों के अनुसार अस्पताल से करीब 60 से 70 फीसदी दवाएं ही मिल रही हैं। बाकी दवाएं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र या निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। इससे मुफ्त या सस्ते इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। लेकिन दवाएं पूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र या निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। साथ ही पर्ची, ओपीडी, जांच और दवा काउंटर पर इंतजार करने के कारण उनका काफी समय भी लग रहा है।
सुघ माजरी गांव के समय सिंह ने बताया कि कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब है। वह उपचार और दवा लेने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। लंबी कतार में लगने के बाद उन्हें आधी दवा ही मिल पाई। बाकी दवाएं बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। अस्पताल में आने वाले मरीजों को यदि दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ें तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
गांव परवालों की कलावती ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार है और छाती में दर्द भी हो रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह जिला नागरिक अस्पताल में उपचार करवाने पहुंची थी। यहां जांच के बाद उसे कुछ दवाएं बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। जब भी वह अस्पताल में दवा लेने आती है तो कोई न कोई दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है।
अस्पताल में लगभग सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। जो दवा अस्पताल में नहीं है, वह जन औषधी केंद्र से मिल जाती हैं। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।