संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ यमुनानगर ने मांग दिवस के अवसर पर उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन जिला प्रधान जोत सिंह रावत की देखरेख में हुआ। जिला सचिव सोमनाथ ने प्रदर्शन के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिला प्रधान जोत सिंह रावत, सीटू नेता सतपाल सैनी, किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सागवान, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज और विनोद त्यागी ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पेंशनरों के अधिकारों में कटौती कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आठवें वेतन आयोग के लाभ से रिटायर्ड कर्मचारियों को वंचित रखने, पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने और अन्य नीतियों के जरिए पेंशनरों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एलटीसी स्कीम के नाम पर पुराने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और कैशलेस मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इसके अलावा श्रम कानूनों में बदलाव कर कर्मचारियों की एकता को तोड़ने का प्रयास हो रहा है, जिसका संगठन कड़ा विरोध करता है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि फायर विभाग के कर्मचारी पिछले 14 दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द वार्ता कर समाधान निकाले और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मियों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे। चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान राजवीर पंडोरा, चमन लाल, यशपाल, अमर सिंह, ज्ञान सिंह, ज्ञानचंद देवघर, काकू हुसैन, महिपाल सोदे, सतीश कुमार और रिंकू सहित अन्य मौजूद रहे।
जगाधरी अनाज मंडी में नारेबाजी करते रिटायर्ड कर्मचारी संघ के पदाधिकारी। संवाद- फोटो : 1