यमुनानगर। नगर निगम के वार्डों को अलग-अलग वर्ग के लिए आरक्षित करने में इस्तेमाल किया गया डेटा गलत होने के संदेह में पूर्व व निवर्तमान पार्षदों सहित अन्य जनप्रतिनिधि डीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात जगाधरी एसडीएम सोनू राम से हुई।
एसडीएम ने मौके पर नई वार्डबंदी व मतदाता सूची ड्राफ्ट दिखाकर बताया कि वार्डों के आरक्षण करने में पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) का डाटा आधार बना है और पूरी प्रक्रिया नियम के तहत हुई है। इसके बाद जनप्रतिनिधि वापस लौट गए।
गौरतलब है कि पूर्व व निवर्तमान पार्षदों में कर्मवीर गोंदवाल, नीरज राणा, संगीता सिंघल, प्रिंस शर्मा के हस्ताक्षर के साथ मंगलवार को एसडीएम के नाम पत्र लिखा गया था। इसमें गत चार जनवरी को नगर निगम के वार्डों के अलग-अलग वर्ग के लिए किए गए आरक्षण पर सवाल किए गए थे। साथ ही पूछा गया कि वार्डों को संरक्षित करने के लिए किस समय का डाटा इस्तेमाल हुआ और यह डेटा किस एजेंसी से लिया गया। यह डाटा गलत होने के संदेह में वार्डों के किए गए आरक्षण को अस्वीकार करने की बात भी रखी गई थी। साथ ही चेताया था कि अगर वार्डों के किए गए आरक्षण को लेकर उनकी शंकाओं का समाधान नहीं किया गया तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटकटाएंगे।
उक्त पत्र लिखने के साथ पूर्व व निवर्तमान पार्षदों ने मामले में बुधवार को डीसी से मिलने की रणनीति बनाई थी, इसी पर प्रिंस शर्मा सहित अन्य पूर्व व निवर्तमान पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने जगाधरी एसडीएम सोनू राम से मुलाकात की।
इस दौरान जगाधरी एसडीएम सोनू राम ने नई वार्डबंदी व मतदाता सूची ड्राफ्ट दिखाया। साथ ही बताया कि वार्डबंदी और वार्डों के आरक्षण के लिए पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) का डाटा इस्तेमाल किया गया है।
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद