यमुनानगर। नववर्ष के उपलक्ष्य में संत निरंकारी सत्संग भवन में विशेष निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। संत निरंकारी मंडल दिल्ली के उप प्रधान महात्मा दर्शन सिंह ने संगत को जीवन में आए बदलाव पर आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने सतगुरु सुदीक्षा महाराज के पावन संदेश को दोहराते हुए अपने प्रवचनों में फरमाया कि यह नया वर्ष तो हर वर्ष ही आता रहता है, तारीख बदलती रहती हैं पर हम देखे हमने अपने जीवन में कितना बदलाव किया। हम इस भक्ति के मार्ग पर कितना चल पा रहे हैं। यह आत्म मंथन हमें स्वयं करना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक बच्चा मां से जब दूर हो जाता है तो वह मां-मां कहकर रोना शुरू कर देता है, इसी तरह क्या हम भी परमात्मा को याद करते हैं।
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समागम में आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने समागम में पहुंच कर सतगुरु की रहमत प्राप्त की। समागम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शाहबाद मारकंडा जोन के जोनल इंचार्ज सुरेंद्र पाल सिंह ने भी निरंकारी मिशन के मानव एकता के संदेश को बताया।
समागम के दौरान अनेक वक्ताओं, गीतकारों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर सतगुरु के इस संदेश को सुंदर रूप से श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का प्रयास किया। संयोजक महात्मा बलदेव सिंह ने आए हुए महात्मा का मिशन का प्रतीक सफेद दुपट्टा पहनना कर स्वागत किया और आए हुए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।