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आरसी फर्जीवाड़ा: बड़े अधिकारियों पर भी जांच की आंच, एसआईटी करेगी पूछताछ

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आरसी फर्जीवाड़ा में बड़े अधिकारियों तक जांच की आंच पहुंच सकती है। बिलासपुर और जगाधरी एसडीएम कार्यालय में फर्जी आरसी बनाने के कंप्यूटर ऑपरेटर अमित और एमआरसी राजेंद्र दांगी को पुलिस आमने-सामने बैठा कर पूछताछ कर रही है। इससे पहले दोनों ही एक-दूसरे को खिलाड़ी बता रहे थे। सूत्रों के अनुसार आमने-सामने आने के बाद उन्होंने करीब छह सौ वाहनों के रजिस्ट्रेशन की बात कबूली है। वहीं कुछ अधिकारियों के इसमें शामिल होने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों के शामिल होने की बात इससे पहले भी अमित पुलिस के सामने रख चुका है। पुलिस अब बड़े अधिकारियों को जांच में शामिल कर सकती है।
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हालांकि अभी तक किसी अधिकारी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। वहीं, दूसरी तरफ एसआईटी इंचार्ज भी इसमें कुछ कहने से बच रहे हैं। बिलासपुर में 29 और जगाधरी में करीब 600 से ज्यादा वाहनों का फर्जी रजिस्ट्रेशन किया गया है। जिसमें से अभी तक पुलिस दो सप्ताह में पुलिस 100 फाइलें बरामद होने की बात सामने आई है। ऐसे में सभी वाहनों की फाइलें बरामद करने में काफी समय लगेगा। 23 फरवरी तक यदि पुलिस सभी वाहनों की फाइलें बरामद न कर सकी तो दोनों आरोपियों का अतिरिक्त रिमांड लेने ठोस कारण कोर्ट में देना होगा। चूंकि दोनों का 23 फरवरी को रिमांड पूरा हो जाएगा।
दो दिन में हुए एक हजार वाहन रजिस्टर्ड
सिरसा पुलिस के मुताबिक छह सौ से कहीं ज्यादा वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की बात सामने आई है। 29 और 30 अप्रैल को एक हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन इसी तरह किया गया है। जबकि यमुनानगर एसआईटी की जांच में यहां छह सौ वाहनों के रजिस्ट्रेशन की बात सामने आई हैं। चूंकि आरोपियों ने इतने ही वाहनों की बात कबूली है। वहीं पुलिस इस मामले में अभी तक सौ फाइलें बरामद की हैं।
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हुड्डा थाने के केस में होगी पूछताछ
एसआईटी अभी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर ही है। अमित की गिरफ्तारी बिलासपुर वाले केस में हुई है। जबकि उसकी हुड्डा सेक्टर-17 थाने में दर्ज केस में गिरफ्तारी अभी बाकी है। जिसके लिए पुलिस उसे इस केस में रिमांड पर ले सकती है। सिरसा पुलिस ने जगाधरी एसडीएम कार्यलय में वाहनों के रजिस्ट्रेशन के मामले में जांच की थी। जिसके बाद एसडीएम दर्शन सिंह ने हुड्डा थाने में चार कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसमें अमित को मुख्यारोपी बताया गया था। इस मामले में हुड्डा पुलिस की जांच अभी बाकी है।
सुनील को रिमांड पर ले सकती है पुलिस
इस पूरे प्रकरण का खुलासा सिरसा पुलिस ने किया है। सिरसा पुलिस ने सबसे पहले रोहतक निवासी राजेंद्र चिटकारा को इसमें गिरफ्तार किया था। जिसने अमित के शामिल होने का खुलासा किया। जिसके बाद सिरसा पुलिस ने अमित को आरोपी बनाया। ऐसे में यमुनानगर एसआईटी राजेंद्र चिटकारा को प्रोडेक्शन रिमांड पर ले सकती है। वहीं कृष्ण निवासी सोनीपत व रामनिवास निवासी रोहतक की तलाश में भी एसआईटी लगी है। इनकी गिरफ्तारी होने पर कुछ और खुलासे भी हो सकते हैं। वहीं जांच टीम गाड़ियां रिकवर करने का भी प्रयास कर रही है।
एसआईटी के जांच अधिकारी राकेश मटौरिया ने बताया कि जांच में कई चीजें सामने आई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई अधिकारियों के बारे में भी जानकारी दी है। इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फर्जी तरीके से जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है, उनकी फाइल बरामद की जा रही हैं। जल्द ही पूरा खुलासा किया जाएगा।
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