इंडस्ट्रियल क्षेत्र में स्थित डीएफएससी कार्यालय। संवाद
- फोटो : सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में मौजूद शरद पाठक बाबा व दियरा राज परिवार से जुड़े लोग।
यमुनानगर। कई दिनों से राशन डिपो पर रखी पीओएस मशीन में आई गड़बड़ी वीरवार को काफी हद तक ठीक हो गई। इससे लोगों को राशन मिलना शुरू हो गया। हालांकि मशीन में अभी तक चीनी का स्टाॅक नहीं दिख रहा है। ऐसे में लोगों को अभी केवल गेहूं व सरसों का तेल ही दिया जा रहा है। गड़बड़ी पूरी तरह से दूर न होने के कारण लोगों को राशन लेने के लिए फिर से डिपो पर चक्कर काटना पड़ेगा। वीरवार को जैसे ही डिपो धारकों ने राशन दिए जाने की सूचना दी तो लोगों की भीड़ डिपो पर लगने लगी। सरकार की तरफ से हर माह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से बीपीएल और एएवाई परिवारों को डिपो के माध्यम से राशन दिया जाता है।
जिले में करीब 585 राशन डिपो हैं। पात्र कार्ड धारकों को डिपो से गेहूं, सरसों का तेल व चीनी दी जाती है। सितंबर माह का राशन अब तक लोगों को नहीं मिल पाया था, क्योंकि जिस पीओएस मशीन में लोगों का अंगूठा स्कैन किया जाता है उसके साफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा था।
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मशीनें न चलने से किसी भी डिपो धारक की मशीन नहीं चल पा रही थी। उधर, राशन न मिलने पर लोग बार-बार अपने डिपो पर चक्कर काट रहे थे। डिपो धारक भी रोजाना डीएफएससी कार्यालय में फोन कर रहे थे कि मशीन कब तक चलेगी। अब लोगों 30 सितंबर तक अपने डिपो से राशन ले सकेंगे।
डिपो धारकों ने बताया कि मशीनें तो चल गई हैं, लेकिन चीनी का स्टॉक नहीं दिख रहा है। इसलिए अभी राशन लोगों को नहीं दे रहे हैं। यदि अब लोगों को गेहूं व तेल लेने के लिए बुलाएंगे तो फिर चीनी के लिए बुलाना पड़ेगा। इसलिए एक-दो दिन का इंतजार करेंगे।