संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दुष्कर्म पीड़िता 13 साल की किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची की प्रसव जिला नागरिक अस्पताल में हुआ। जब से उसके गर्भवती होने की सूचना मिली थी तब से स्वास्थ्य विभाग और बाल कल्याण समिति की टीम किशोरी पर नजर बनाए हुए थी।
किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसकी बुआ का ही लड़का है। किशोरी के परिजनों ने उसकी बच्ची को बाल कल्याण समिति को देने से इन्कार कर दिया है। समिति की टीम डिलीवरी के बाद बच्ची को लेने के लिए अस्पताल में गई थी। परिजन स्वयं बच्ची का पालन-पोषण करेंगे।
थाना गांधी नगर इलाके की एक कॉलोनी में रहने वाली महिला ने पुलिस को इसी साल जून माह में शिकायत दी थी कि उसकी 13 साल की छोटी बेटी के दांतों में तीन दिन से तेज दर्द हो रहा था, जिसके उपचार के लिए वे उसे अस्पताल लेकर गए थे। वहां डॉक्टरों ने किशोरी की शारीरिक स्थिति और कुछ अन्य समस्याओं को देखते हुए कुछ मेडिकल टेस्ट कराने की सलाह दी। टेस्ट रिपोर्ट में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। किशोरी ने बताया था कि बुआ का लड़का घर आता-जाता रहता था। अकेला पाकर उसने दुष्कर्म किया था।
बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल में गई थी। परिजनों ने बच्चा देने से मना कर दिया है। - अशोक कुमार, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति।
दुष्कर्म का आरोपी एफआईआर दर्ज करने बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था।
- विशाल, एसएचओ, थाना गांधी नगर।