यमुनानगर। फर्जी दस्तावेजों पर एनआरआई राकेश कपूर की करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बेचने के मामले में रिमांड पर चल रहा आरोपी एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर पुलिस को गुमराह कर रहा है। चार दिन का रिमांड पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक पुलिस आरोपी से फर्जीवाड़ा की रकम की बरामदगी नहीं कर पाई है। अभी तक पुलिस ने आरोपी से केवल एक कार बरामद की है। इस कार में ही फर्जीवाड़ा के रुपये इधर से उधर किए गए थे। उसे कब्जे में लिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा इंचार्ज सुभाष का कहना है कि आरोपी राममेहर बार-बार बयान बदल रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है। रुपयों की रिकवरी के लिए प्रयास जारी है।
जानकारी के अनुसार एनआरआई राकेश कपूर की मॉडल टाउन स्थित 409 वर्ग गज की प्रॉपर्टी को आरोपियों ने मिलीभगत करके आठ करोड़ 58 लाख रुपये में बेच दिया था। इस केस में अब तक दिल्ली निवासी परमजीत कौर, प्रॉपर्टी डीलर अश्विनी कुमार, उर्दू अनुवादक इस्लाम, उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान व एसडीएम कार्यालय कर्मी राममेहर काे गिरफ्तार किया जा चुका है। सेक्टर 18 निवासी आरोपी राममेहर पुलिस रिमांड पर है। प्रॉपर्टी बेचने के बाद प्रॉपर्टी डीलर अश्विनी कुमार के हिस्से में 32 लाख रुपये आए। इसी तरह से दिल्ली निवासी परमजीत के हिस्से में लगभग एक करोड़ रुपये आए। पुलिस ने उसका खाता पहले ही सीज करा दिया था। राममेहर के हिस्से में लगभग दो कराेड़ रुपये आए। वहीं, उर्दू अनुवादक इस्लाम को भी एक करोड़ से अधिक मिले थे।
नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी तो तहसील में रजिस्ट्री के नाम पर हो रहा गोलमाल
एनआरआई राकेश कपूर की प्रॉपर्टी बेचने का मामला तब खुला था जब एनआरआई ने दूतावास में शिकायत दी। उसके बाद ही पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज किया। हालांकि प्रॉपर्टी के नाम पर फर्जीवाड़ा व गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाने के कई और मामले में भी अलग-अलग थाना में दर्ज है। उनमें जांच केवल कागजों में सिमटी है। किसी में पुलिस निगम से रिकॉर्ड न मिलने तो किसी में कोई और तर्क दे रही है। अभी पिछले दिनों प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए इनक्रोचमेंट रीडर आलोक को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया। जिससे साफ है कि प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर नगर निगम में गोलमाल हो रहा है। इसी तरह रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील में फर्जीवाड़ा हो रहा है। उर्दू अनुवादक इस्लाम तहसील में ही कार्यरत था।