यमुनानगर। संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहे एनआरआई राकेश कपूर के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों की प्राॅपर्टी बेचने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा फर्जीवाड़े की मुख्य कड़ी एसडीएम कार्यालय के कर्मी राममेहर की तलाश में है।
अब तक मामले में चार आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन फर्जीवाड़े की मुख्य कड़ी राममेहर पुलिस गिरफ्त से बाहर है। बताया जा रहा है कि आरोपी राममेहर वहीं कार्यालय में बैठकर ही फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।
अब तक की जांच में सामने आ रहा है कि राममेहर ने प्रॉपर्टी डीलरों व अन्य के साथ मिलीभगत करके इस प्राॅपर्टी को बेचने में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इसमें उर्दू अनुवादक इस्लामूद्दीन की अहम भूमिका रही। जो पहले से ही जेल में बंद है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बेचने के इस फर्जीवाड़े में अब तक दिल्ली निवासी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम उर्फ इस्लामूद्दीन और उसकी भाभी इमराना, भाई इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है।
आरोपियों से फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। वहीं, दो प्रॉपर्टी डीलर भी मामले में फरार हैं। पुलिस ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खाते सीज कराए हैं।
निगम व एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी भी रडार पर -
आर्थिक अपराध शाखा की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही नई जानकारियां मिल रही हैं। मामले में अभी नगर निगम व एसडीएम कार्यालय के कुछ अधिकारी रडार पर है। हालांकि मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े राममेहर समेत कई आरोपी भूमिगत हैं।
उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका भी लगाई जो खारिज हो गई। इसके बाद से ही पुलिस की टीमें तलाश में लगी हुई है लेकिन आरोपी हाथ नहीं आ रहे हैं। इस केस में निगम, एसडीएम व तहसील के कई कर्मचारियों की गर्दन भी फंसी हुई है, क्योंकि जो भी फर्जीवाड़ा हुआ।
वह दस्तावेज नगर निगम व तहसील के माध्यम से तैयार किए गए। इस मामले में में प्रापर्टी डीलर अश्विनी कुमार, एसडीएम कार्यालय का कर्मी राम मेहर, करनैल सिंह, परमजीत कौर की बेटी मनिका कौर, सुषमा क्वात्रा, निधि गर्ग, मलिका अग्रवाल, रिचा गर्ग पर केस दर्ज हुआ था।
जांच के दौरान इस्लाम और उसकी भाभी और भाई की मिलीभगत मिलने पर गिरफ्तार किया गया है। जिन्हें जेल भेजा जा चुका है।