संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जेल में कोई भी बंदी मौलिक अधिकारों से वंचित न रहे और जेल में बंद होने पर उनके अंदर अपराध बोध की भावना को कम हो। इस उद्देश्य से मोहम्मद अकील महानिदेशक कारागार ने दिशा-निर्देश जारी किए। इसके तहत जिला जेल में सोमवार को रक्षाबंधन मनाया गया।
अधीक्षक जेल विशाल छिब्बर ने बताया कि महानिदेशक कारागार के दिशा-निर्देशों की अनुपालना में जिला जेल पर रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह आठ बजे से ही जेल में बदियों को राखी बंधवाने के कार्यक्रम शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक जारी रहा। कोई भी भाई-बहन जेल में रक्षाबंधन का पर्व मनाने से वंचित न रहे। इसका विशेष ध्यान रखा गया। जेल प्रशासन की ओर से बंदियों के लिए राखियां, लड्डू व बेसन की बर्फी की मिठाई, रक्षा सूत्र व तिलक का प्रबंध किया गया।
जेल सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा उपरोक्त व्यवस्था में सहयोग दिया गया। जिन महिला बंदियों के भाई किसी कारणवश राखी बंधवाने जेल पर नहीं आ सके, उन महिला बंदनियों से जेल अधीक्षक व अन्य स्टाफ ने राखी बंधवाई। उपरोक्त निर्देशों की अनुपालना में जेल में परिरुद्ध सभी बंंदियों को भोजन में मिठाई के रूप में खीर वितरित की गई।
इस अवसर पर मुलाकात एवं सुरक्षा व्यवस्था का विशेष प्रबंध किया गया और सीसीटीवी की सर्विलांस एवं जेल सुरक्षा की कड़ी निगरानी में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। बंदियों व उनके परिजनों को मिठाई खिलाकर उनकी कलाइयों पर राखियां बंधवाई गई। जेल की सुरक्षा व्यवस्था अच्छे से सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जेल, जिला पुलिस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
जेल पर लगभग 2000 महिला व पुरुष मुलाकातियों द्वारा अपने बंदी भाइयों व बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। मौके पर उपाधीक्षक जेल (प्रशासन), भूपेद्र सिंह, उपाधीक्षक जेल (सुरक्षा) वरुण कुमार व उपाधीक्षक जेल (उद्योग), भूपेद्र सिंह सहित समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहा।