करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह की हत्या के विरोध की आंच यमुनानगर में भी पहुंची। वीरवार को राजपूत समाज के लोग क्षत्रिय एकता महासभा एवं राजपूत समाज के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे और नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर हत्यारों को गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग की। समाज के रामबीर सिंह, जोगिंद्र चौहान, शुभम, संदीप, संजू राणा, महीपाल सिंह, गौरव, राज कुमार, अशोक राणा, नरेंद्र सिंह, अनिल राणा, भीम राणा, राजू व रणदीप सिंह का कहना है जब सुखदेव सिंह द्वारा सुरक्षा की मांग की जा रही थी तब उन्हें क्यों नहीं दी गई। उन्हें छल से मारा गया है। जिससे समाज के लोगों में काफी रोष है। यह राजपूत समाज को खत्म करने की सोची समझी चाल है। जबकि राजपूत समाज ने हमेशा से अखंड भारत की रचना की है। भारत को एक करने में अपनी रियासतें खुशी से दान की, सदियों से भारत की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व बलिदान किया, परंतु आज राजपूत समाज को ठाकुरों के नाम पर या गुंडा तत्व के नाम पर बदनाम किया जाता है।
रामबीर सिंह ने कहा कि देश के अंदर असामाजिक एवं गैंगस्टर द्वारा समाज के अग्रणी नेता को सरेआम उसके घर में गोलियों से भून दिया गया। यह सोची समझी चाल के तहत किया गया, जबकि पंजाब के डीजीपी द्वारा गुप्त सूचनाओं के आधार पर सरकार को आगाह किया गया था कि सुखदेव सिंह की जान को खतरा है फिर भी उनकी सिक्योरिटी को हटा दिया गया और हत्यारों को सुखदेव सिंह की हत्या करने का मौका मिल गया। राजपूत समाज के इस हत्या प्रकरण से बड़ा भारी आक्रोश है तथा जब तक हत्यारों को फांसी नहीं दी जाती राजपूत समाज आंदोलन जारी रखेगा। अतः राजपूत समाज मांग करता है कि हत्यारों को शीघ्र ही न्यायिक प्रक्रिया द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर फांसी दी जाए।