यमुनानगर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल देखरेख संस्थान छछरौली में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से बाल श्रम के खिलाफ जागरूक किया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि कलम और स्कूल का बस्ता होना चाहिए। उनका सुरक्षित और शिक्षित बचपन ही देश का बेहतर भविष्य तय करेगा। इस वर्ष की थीम बाल श्रम पर लाल कार्ड, बच्चों के लिए उचित खेल, वयस्कों के लिए सम्मानजनक काम, के तहत बच्चों ने से नो टू चाइल्ड लेबर और बाल श्रम मुक्त भारत अभियान जैसे संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।
बालकुंज के ऑफिसर इंचार्ज सुखमिंदर सिंह ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास विकसित भारत की मजबूत नींव है। जिला बाल संरक्षण इकाई के गुरप्रीत सिंह और मुकेश कंसल ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और पेंटिंग्स के माध्यम से भी बाल श्रम निषेध को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में अधीक्षक मोना चौहान, बलविंदर सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।