शहर में शनिवार को करीब छह घंटे तक ब्लैक आउट रहा। आंधी और बरसात के दौरान जगह-जगह पेड़ गिरने तथा टहनियां टूटने की वजह से शहर के सभी फीडर ब्रेेक डाउन हो गए। बत्ती गुल होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विद्युत निगम से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को 12:55 बजे पर 66 केवी खेड़ा पावर हाउस की लाइन में आई तकनीकी खराबी की वजह से पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। करीब चार बजे जब बिजली की ट्राई ली गई, तो ट्रिपिंग के साथ बत्ती गुल हो गई।
अभी तकनीकी खराबी ठीक भी नहीं हो पाई थी कि बीच में ही आंधी व बरसात शुरू हो गई। इस कारण पेड़ तथा टहनियां टूटकर बिजली के तार पर गिर गईं। शाम को करीब चार बजे बुड़िया फीडर, गुलाब नगर फीडर, समत योग फीडर, मुखर्जी पार्क फीडर, नरेंद्रा चौक फीडर, द्वारकापुरी फीडर ब्रेक डाउन हो गया।
इससे सारे शहर की बत्ती गुल हो गई। शहर की गौरी शंकर कॉलोनी, जडौदा गेट, जसैको कॉलोनी, विश्वकर्मा मोहल्ला, महावीर कॉलोनी, हनुमान गेट, गंगानगर कॉलोनी, हनुमान गेट, जडौदा गेट, मुखर्जी पार्क, केसर नगर, बुड़िया रोड, विश्वकर्मा मोहल्ला, महावीर कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, द्वाराकापुरी, श्याम सुंदरपुरी, गांधी धाम, गुलाब नगर के अलावा आसपास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
द जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चरर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि शहर में बिजली की व्यवस्था दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। आए दिन शहर में कहीं न कहीं तकनीकी खराबी, तो कभी कट की वजह से बिजली गुल हो जाती है।
मेटल फैक्ट्री संचालक योगेश शर्मा, प्रवेश कुमार, राजेश कुमार ने बताया कि बिजली गुल होने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर वे जेनरेटर पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है।
आंधी व बरसात के दौरान शहर में कई जगहों पर बिजली के तार पर टहनियां टूट कर गिर गईं जिस कारण आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर तार टूटने का समाचार है। इस वजह से फीडर ब्रेक डाउन हो गए। बिजली कर्मचारियों ने टूटे तार को जोड़कर बिजली को सुचारु कर दिया है।
अनिल कुमार, जेई, उत्तर हरियाणा विद्युत निगम, जगाधरी।