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उत्तर रेलवे को चलती फिरती कोरोना आइसोलेशन ट्रेन बनाने का ऑर्डर

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railway - फोटो : Yamuna Nagar
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निरंजन कुमार राणा
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यमुनानगर। रोजाना सवा दो करोड़ यात्रियों को ढोने वाली भारतीय रेल ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सारे संसाधन झोंक दिए हैं। देशभर की रेलवे वर्कशॉपों में 20 हजार कोरोना आइसोलेशन कोच तैयार किए जा रहे हैं। उत्तर रेलवे की लखनऊ आलमबाग और जगाधरी वर्कशॉप को प्रथम चरण में 370 कोच बनाने का ऑर्डर मिल गया है, जिस पर काम शुरू भी कर दिया गया है। जगाधरी वर्कशॉप में 20 कोच तैयार कर दिए गए हैं, जिन्हें 31 मार्च को पटरी पर उतारा जा सकता है।
कोरोना के खिलाफ जंग में रेलवे ने हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के लिए कमर कस ली है। इसके तहत न सिर्फ रेल कोचों को हास्पिटल का रूप दिया जा रहा है बल्कि मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर, स्ट्रेचर आदि भी रेलवे द्वारा बनाएं जा रहे हैं। इसके लिए दोनों जगह रॉ मैटेरियल जुटा लिया गया है। डिप्टी सीपीओ राजीव बजाज ने बताया कि प्रायोगिक तौर पर जगाधरी में 12 और आलमबाग में दो कवरआल और एप्रन का निर्माण किया गया है। इसे शीघ्र ही 30 पर ले जाया जाएगा। अभी तक जर्मन तकनीक वाले 20 डिब्बों को आइसोलेशन कोच में बदला जा चुका है। प्रथम चरण में दोनों वर्कशॉप में 370 कोच बदले जाएंगे। इसके अलावा पुरानी तकनीक वाले आईसीएफ कोच को भी ऐसा बनाया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर वहां मरीजों को शिफ्ट किया जा सके।
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मेडिकल सेवा भी करेगा रेलवे
अधिकारियों ने रेलवे के उन कर्मचारियों का ब्यौरा भी एकत्र कर लिया है, जो मेडिकल स्ट्रीम से जुड़े हुए हैं। इनमें कर्मचारी खुद या परिवार का कोई सदस्य एमबीबीएस, फार्मेसी, नर्सिंग, माइक्रोबॉयोलाजी, लैब टेक्निशियन आदि को शामिल किया गया है। इनके मोबादल नंबर और अन्य जानकारी ली गई हैं। ये सब वालंटियर के तौर पर मेडिकल सेवा देंगे।
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रेलवे की ओर से आइसोलेशन कोच सहित अन्य मेडिकल का सामान बनाया जा रहा है। हम तमाम संसाधन अपनाते हुए काम कर रहे हैं। सरकार ने भारतीय रेल पर विश्वास किया है। तय समय से पहले हम सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सक्षम है। - सुधांशु पंवार, सीडब्लयूएम, जगाधरी वर्कशाप

railway- फोटो : Yamuna Nagar

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