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रेलवे वर्कशाप में अधिकारी सहित तीन कर्मी निलंबित

Fri, 10 Feb 2017 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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यमुनानगर - फोटो : यमुनानगर
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अमर उजाला ब्यूरो
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जगाधरी वर्कशाप। रेलवे वर्कशॉप प्रबंधन ने वर्कशॉप के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। तीनों कर्मी वर्कशॉप की अलग-अलग शॉप में हैं। इनमें एक अधिकारी जबकि दो टेक्नीशियन के पद पर हैं। निलंबित किए गए दोनों टेक्नीशियन उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी हैं।
इन तीनों कर्मचारियों को उनके निलंबन की सूचना मौखिक मिली हैं, लेकिन उन्हें कारखाना प्रबंधक की ओर से इस संबंध में कोई लिखित पत्र अब तक नहीं मिला है। माना जा रहा है इनका निलंबन एसएसई दिनेश गौड़ सुसाइड केस के बाद हुए विरोध प्रदर्शन व आठ फरवरी को हुए क्रेन हादसे के चलते किया गया है। कारखाना प्रबंधन की ओर से व्हील शॉप के अधिकारी वैंगन व कैरेज शॉप के एक-एक टेक्नीशियन के खिलाफ निलंबन कार्रवाई की गई है। इनके नाम प्रदीप (अधिकारी), देवशंकर और रणबीर (दोनों टेक्नीशियन) बताए जा रहे हैं।
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ध्यान रहे कि बुधवार को व्हील शॉप में क्रेन से पहिए के सेट को उठाते समय वह अचानक नीचे आ गिरा था। जहां हादसा हुआ था, वहां तीन कर्मी काम कर रहे थे, जोकि बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद यूनियन कर्मी एकत्रित हो गए थे और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर नारेबाजी भी की थी।
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दबाव बनाने का प्रयास है: राणा
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के ब्रांच सचिव सुरेंद्र राणा का कहना है कि हमारी यूनियन ने रेलवे में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इसलिए हमारी यूनियन के पदाधिकारियों को टारगेट बनाया गया है। दूसरी यूनियन के कुछ पदाधिकारी तथा वर्कशाप प्रबंधन की ओर से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी यूनियन पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है।   
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एसएसई दिनेश गौड़ के सुसाइड के बाद यूआरकेयू ने किया था प्रदर्शन
बीती 28 जनवरी को रेलवे वर्कशाप के एसएसई दिनेश गौड़ ने अपने कोठी में फंदा लगा कर सुसाइड कर लिया था। उनके पास से सुसाइड नोट मिला था जिसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार रेलवे के दो अधिकारियों व एक ठेकेदार को ठहराया था। सुसाइड नोट में एसएसई गौड ने रेलवे वर्कशाप में ठेकेदारों व वर्कशाप प्रबंधन के बीच चल रही साठगांठ की ओर भी इशारा किया था। इसके बाद उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन ने एक फरवरी को जगाधरी वर्कशाप प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यूआरकेयू रेलवे वर्कशाप में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ  आवाज उठाई थी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी। यूआरकेयू ने नार्दन रेलवे के महाप्रबंधक बड़ौदा हाउस को भी पत्र लिख कर रेलवे अधिकारी के आत्महत्या के मामले की जानकारी दी थी। वर्कशाप में हो रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करवाने की मांग रखी गई थी। ऐसे में उसी यूनियन के दो पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को वर्कशान प्रबंधन की बदले की भावना से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।  
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तीन कर्मी निलंबित किए हैं:  सीडब्ल्यूएम
जगाधरी वर्कशाप के चीफ वर्क्स मैनेजर आरके सांगर ने तीन कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा की जाती है, ऐसे में निलंबन के कारण की जानकारी वे ही दे सकते हैं।
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