यमुनानगर। पुराना रादौर रोड स्थित रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरब्रिज शहर की अहम जरूरत है। इस मांग को लेकर व्यापारिक व सामाजिक संगठन एक दशक से संघर्ष कर रहे हैं, बावजूद इसके शहर को यह सौगात नहीं मिल पाई। जबकि इसके अभाव में लाइन पार बसे हजारों लोगों को रोजाना रेलवे फाटक पर जाम की दिक्कत झेलनी पड़ती है वहीं, फाटक बंद होने पर लाइन क्रॉसिंग करते वक्त कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो जाती है। फाटक पर सुबह-शाम जाम रहने के साथ हादसों का ग्राफ भी निरंतर बढ़ रहा है, किंतु रेलवे व सरकार की ओर से इस दिशा में सुधार हेतु कोई कदम उठाया नहीं जा रहा है।
बता दें कि शहर को रेलवे स्टेशन के पार के इलाके से जोड़ने के लिए पुराना रादौर रोड पर रेलवे फाटक क्रासिंग मुख्य मार्ग है। लाइन पार की दर्जनों कालोनियों व गांवों के लोग सहित औद्योगिक इकाईयों के वाहन रोजाना इसी मार्ग से शहर आते-जाते हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में आने-जाने वाले भारी वाहन भी रेलवे फाटक से होकर गुजरते हैं। इस कारण फाटक बंद होते ही पुराना रादौर रोड बाजार, इंडस्ट्रियल एरिया और सहारनपुर रोड तक वाहनों की कतार लग जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है। इस बीच स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी व नौकरीपेशा लोग फंस जाते हैं और गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पाते हैं।
रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद राहगीर व बाइक, स्कूटर व रिक्शा सहित चालक उसके नीचे से निकलते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसी के चलते कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। रेलवे पुलिस के मुताबिक रेल लाइन क्रासिंग के दौरान हर साल औसत आठ व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर मौत का शिकार होते हैं। रेलवे एक्ट के मुताबिक बंद रेलवे फाटक के नीचे से गुजरना जुर्म है, किंतु रेलवे प्रशासन भी कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई से गुरेज करता नजर आ रहा है।
सिरे नहीं चढ़ पाई पुल बनाने की कवायद
रादौर रोड रेलवे क्रासिंग के ऊपर रेलवे ओवर ब्रिज या फिर अंडरपास बनाने के लिए करीब तीन साल पहले कवायद शुरू की गई थी। तब प्रदेश सरकार ने ब्रिज की निर्माण में दिलचस्पी दिखाई और इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इसके निर्माण कार्य की संभावनाएं भी तलाशी गईं। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपनी रिपोर्ट में रादौर रोड बाजार के कारण ब्रिज के निर्माण को सिरे से नकार दिया। इस पर व्यापारिक व सामाजिक संगठनों की ओर से करीब एक दशक से इंस्ट्रियल एरिया से सहारनपुर रोड तक पुल के निर्माण की मांग की जा रही है, किंतु इस पर रेलवे व सरकार की ओर से फिलहाल कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा सका है।
नुकसान पहुंचाए बिना हो पुल का निर्माण
रादौर रोड बाजार के दुकानदार भी चाहते हैं कि रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरब्रिज का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि रेलवे व सरकार कुछ ऐसा रास्ता निकाले कि दुकानों व औद्योगिक इकाईयों को नुकसान पहुुंचाए बिना पुल का निर्माण हो जाए। जिससे रादौर रोड के रेलवे फाटक पर रोज की जाम की दिक्कत के साथ हादसों के ग्राफ पर भी अंकुश लग पाए।
इंडस्ट्रीय एरिया की ओर से बनाएं पुल
उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष और रादौर रोड बाजार के व्यापारी महेंद्र मित्तल का कहना है कि यदि रादौर रोड से ब्रिज के निर्माण में दिक्कत है, तो इंडस्ट्रियल एरिया की ओर से पुल का निर्माण किया जा सकता है।
दिन के समय भारी वाहनों पर लगे रोक
व्यापारी प्रवीन वर्मा का कहना है कि रेलवे फाटक पर भारी वाहनों की वजह से जाम लगता है। अगर दिन के समय क्रॉसिंग से भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगे तो जाम की समस्या दूर हो सकती है।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
व्यापारी महिंद्र गोयल का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होने के समय नीचे से गुजरने वालों के खिलाफ रेलवे कार्रवाई करें तो इससे दूसरों को सीख मिलेगी और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
दुर्घटनाओं को रोकने का हो प्रयास
व्यापारी संजय मित्तल का कहना है कि रेलवे फाटक से लकड़ी व प्लाई पत्ता से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने-जाने से जाम लगता है और दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। रेलवे क्रॉसिंग से इनके आने-जाने पर रोक लगनी चाहिए।
मंडल के अंतर्गत जितने भी रेल फाटकों पर ऐसी दिक्कत हैं, उन पर अंडरपास या फलाईऑवर बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जल्द ही इस दिशा में समाधान के लिए रेलवे की ओर से कार्य किया जाएगा।
दिनेश कुमार, डीआरएम, अंबाला।