यमुनानगर। गांव रामपुर कांबोयान में बीते दो वर्षों से सक्रिय राधा ग्रुप महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है। इस स्वयं सहायता समूह से जुड़कर गांव की 10 महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।
समूह का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिसमें वे लगातार सफल होती नजर आ रही हैं।आज की महिलाएं शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास के दम पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। नौकरी, व्यवसाय और स्वरोज़गार के माध्यम से आय अर्जित कर वे परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही हैं।
बजट बनाना, बचत करना और सही निवेश करना सीखकर महिलाएं परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राधा ग्रुप में नीलम, प्रधान पायल और सचिव आरती के साथ रीना, ममता, मंजू सहित अन्य महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। सभी महिलाएं मिलकर समूह की गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं।
समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह द्वारा पहले एक प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित किया गया था, जहां महिलाओं को पर्स, बैग और सॉफ्ट टॉय बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार उत्पादों को बेचकर आय अर्जित करना शुरू किया। इससे उन्हें घर बैठे रोजगार का अवसर मिला और परिवार की आय में भी बढ़ोतरी हुई।
समूह की सदस्य नीलम ने बताया कि वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से इस ग्रुप से जुड़ी थीं। अब समूह से होने वाली आमदनी से वह घर के खर्चों में सहयोग कर रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं। वहीं प्रधान पायल और सचिव आरती का कहना है कि ग्रुप महिलाओं को प्रशिक्षण देने और नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत रहेगा। उनकी सफलता आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। संवाद