साढौरा। प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के भविष्य की नींव बता रही है, लेकिन समता योग आश्रम के पास वार्ड एक और दो की आंगनबाड़ी की हालत बदतर है। जर्जर भवन में करीब 50 बच्चों का दाखिला है, जिनमें रोजाना 25 से 30 बच्चे आते हैं। भवन की खस्ता हालत के कारण बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समाजसेवी अमित सेतिया ने बताया कि बरसात के दिनों में आंगनबाड़ी की छत टपकती है और दीवारों में सीलन आ चुकी है। इसके कारण बच्चों को एक कोने में बैठकर पढ़ना पड़ता है। बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोई में दरवाजा तक नहीं है। खुले में खाना बनने से धूल-मिट्टी और संक्रमण का खतरा बना रहता है। शौचालयों में पानी, कुंडी और सफाई की व्यवस्था नहीं है, जिससे विशेषकर बच्चियों को परेशानी होती है। आंगनबाड़ी केंद्र में चाहरदीवारी नहीं है और मुख्य गेट भी टूटा हुआ है।
अभिभावक सतपाल, प्रदीप, सुनील और रोशन ने बताया कि कई बार शिकायत दी जा चुकी है। समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने जल्द मरम्मत करवाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन करेंगे। सीडीपीओ किरण ने बताया कि वह इन दिनों अवकाश पर हैं, इसलिए मामले में फिलहाल कुछ नहीं बता सकती हैं।