संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दशहरा ग्राउंड निवासी कल्याण समिति के सदस्यों ने नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कुछ लोगों द्वारा दशहरा ग्राउंड के चौड़ीकरण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के बजाय दशहरा ग्राउंड से छेड़छाड़ की जा रही है।
समिति के प्रधान नितिन वर्मा, बूंदी ओबराय, सतकरतार सिंह, संजू दत्ता का कहना है कि दशहरा ग्राउंड की सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य सुरक्षा, यातायात प्रवाह या समुदाय के हित में नहीं है। असल मकसद कुछ विशेष संपत्तियों के सामने पार्किंग क्षेत्र बढ़ाना है, जिससे वे अपने परिसरों को वाणिज्यिक घोषित कर उनकी पुनः बिक्री कीमत बढ़ा सकें।
यह स्वार्थी प्रयास भ्रामक भाषा से छुपाया जा रहा है ताकि प्रशासन और जनता को भ्रमित किया जा सके कि यह विनाश आवश्यक है। दशहरा ग्राउंड केवल एक खुला स्थान नहीं है यह हमारे समुदाय की विरासत है। पिछले 50 वर्षों से यह दशहरा उत्सव, सामाजिक समारोह और आसपास रहने वाले परिवारों के सामंजस्य का केंद्र रहा है। पीढ़ियों ने यहां अपना बचपन बिताया है, और इस स्थान का भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है।
इसे निजी लालच की भेंट चढ़ाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा। दशहरा ग्राउंड के आसपास की अधिकतर सौंदर्यीकरण और टाइलिंग कार्य पूर्ण हो चुके हैं और यह स्थानीय निवासियों व आगंतुकों द्वारा सराहनीय माना जा रहा है।
यह विकास कार्य सोच-समझ कर किया गया है मूल पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना,जिससे क्षेत्र का चलने का अनुभव और दृश्य सौंदर्य दोनों बेहतर हुए हैं। दरअसल, सड़क के एक तरफ की टाइलिंग से ड्राइव करने के लिए पर्याप्त चौड़ाई भी बढ़ गई है, जिससे सड़क उपयोग की व्यावहारिक चिंता दूर हो चुकी है। मगर समस्या सड़कों पर बनाए गए अवैध कंक्रीट रैंप से उत्पन्न होती है, जिनका उपयोग लोग अपने निजी वाहनों की पार्किंग के लिए करते हैं। दशहरा ग्राउंड निवासी कल्याण समिति अपने मैदान के विनाश को रोकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे कुछ लोगों को लाभ हो और अधिकतम लोगों को नुकसान पहुंचे।