यमुनानगर। ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में तिरंगा लाइट लगाने का कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। चूंकि सभी जगह यह दिखने में एक जैसी हैं, पर रेट पीडब्ल्यूडी व नगर निगम की लगवाई लाइट के अलग-अलग हैं। दोनों विभागों की लगवाई प्रति तिरंगा लाइट के रेट में करीब 412 रुपये का अंतर है।
यह खुलासा आरटीआई के जवाब में नगर निगम व पीडब्ल्यूडी से मिले दस्तावेजों से हुआ। इनमें प्रति तिरंगा लाइट पर नगर निगम ने 3490 व पीडब्ल्यूडी ने 3902 रुपये खर्च दर्शाया है। इसके अलावा टैक्स व अन्य खर्च भी है। दोनों विभागों की लगवाई लाइट के रेट में अंतर के साथ आरटीआई एक्टिविस्ट एवं आम आदमी पार्टी के जिला सचिव राहुल भान का आरोप है कि दोनों ही विभागों द्वारा जिस रेट पर लाइट लगवाई गई, वह बाजार के रेट से काफी अधिक है। उन्हें कार्य में गड़बड़ी की आशंका है, इसलिए मामले की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच की मांग करेंगे।
राहुल भान ने बताया कि सीएम विंडो पर नगर निगम के जवाब के बाद 14 नवंबर 2023 को नगर निगम व पीडब्ल्यूडी में आरटीआई लगाई। इसमें दोनों विभागों से उनके अधीन आती सड़कों पर लगीं तिरंगा लाइटों का ब्योरा मांगा। इस पर नगर निगम के पांच दिसंबर 2023 को आए जवाब में दर्शाया गया कि प्रति पोल तिरंगा लाइट लगाने का खर्च 3490 रुपये है। ऐसे ही पीडब्ल्यूडी से गत पांच फरवरी को आए जवाब में प्रति तिरंगा लाइट 3902 रुपये खर्च दर्शाया गया। इस तरह दोनों विभागों की एक जैसी दिखने वाली लाइट के रेट में 412 रुपये का अंतर है।
उधर के एसडीओ रामरतन का कहना है कि प्राथी ने आरटीआई में जो सूचना मांगी है वह उपलब्ध करवा दी गई है। इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है। लाइटें लगाने के काम में पूरी तरह पारदर्शिता बरती गई है।