यमुनानगर। जिले में सरसों की खरीद वीरवार को भी शुरू नहीं हो सकी। खरीद शुरू भी कैसे होगी क्योंकि अभी तक अधिकारी खरीद के लिए निर्देशों में ही उलझे हुए हैं। इस बार जिले में हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन (एचडब्ल्यूसी) को सरसों खरीदने की जिम्मेदारी मिली है। परंतु यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सरसों की खरीद एचडब्ल्यूसी खुद करेगा या फिर आढ़तियों के माध्यम से की खरीद की जाएगी। अधिकारियों की इस लेट लतीफी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान रोजाना सरसों मंडियों में लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीद न होने से वापस लौट रहे हैं या फिर प्राइवेट डीलरों को घाटे में बेच रहे हैं।
जिले में पिछले साल हैफेड ने सरसों की खरीद की थी। करीब 6400 क्विंटल सरसों की खरीद मंडियों में की गई थी। इस बार भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) ने हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन को सरसों खरीद की जिम्मेदारी दी है। एचडब्ल्यूसी ने 20 मार्च से रादौर व जगाधरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद करने का निर्णय लिया था। एचडब्ल्यूसी पहली बार सरसों की खरीद कर रहा है। इसलिए एजेंसी को इसकी खरीद का कोई अनुभव नहीं है। इसलिए एचडब्ल्यूसी के अधिकारियों को भी नहीं पता कि सरसों उन्हें खुद खरीदनी है या फिर आढ़तियों के माध्यम से। इसके चलते दोनों मंडियों में ही सरसों की खरीद नहीं हो सकी। वीरवार को रादौर मंडी में 30 क्विंटल सरसों के दो गेट पास कटे थे। इसी तरह जगाधरी मंडी में भी सरसों की एक ढेरी पहुंची। वहीं रादौर अनाज मंडी में शुक्रवार सुबह 10 बजे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सरसों की खरीद का शुभारंभ करेंगे।
पहले ही किसानों को हो चुका है नुकसान
इधर अधिकारी नियमों में उलझे हुए हैं और दूसरी तरफ किसानों को बारिश व ओलावृष्टि से पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। खराब मौसम को देखते हुए किसानों ने काफी पहले ही सरसों को कटवा दिया था। सूखने के लिए वह खेतों में पड़ी हुई थी। परंतु 28 फरवरी की शाम हुई ओलावृष्टि से खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ। ओलों की मार से सरसों के दाने खेतों में ही झड़ गए। जिस एरिया में ओलावृष्टि ज्यादा हुई थी वहां सरसों न के बराबर ही निकली। इसमें से काफी सरसों प्राइवेट डीलरों को बेची जा चुकी है। इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि मंडियों में सरसों बहुत कम मात्रा में ही आएगी।
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को-ऑप्रेटिव सोसाइटी करेगी खरीद : विकास कुमार
एचडब्ल्यूसी यमुनानगर के मैनेजर विकास कुमार ने बताया कि एनसीसीएफ की तरफ से पत्र आया है। जिसमें कहा गया है कि एचडब्ल्यूसी जगाधरी मंडी में को-ऑप्रेटिव सोसायटी के माध्यम से सरसों खरीदेगा। इसकी एवज में हैफेड को कमीशन का भुगतान किया जाएगा। सरसों खरीद की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है।