संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। ईरान-अमेरिका युद्ध का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल, डीजल सहित अन्य ईंधन की बचत करने की अपील की है। इसके तहत प्रधानमंत्री ने लोगों को निजी के बजाय सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही है। वहीं जिले में बसों की कमी से लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
हालत यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूटों पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ रूटों पर केवल दो फेरे ही लगाए जा रहे हैं। इससे लोगों को मजबूरी में निजी वाहनों और महंगे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यमुनानगर रोडवेज के पास करीब 160 बसें हैं। इनमें से लगभग 135 बसें ही ऑनरूट चल रही हैं, जबकि बाकी बसें मरम्मत या तकनीकी खराबी के कारण वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
विभाग के पास बसों की संख्या कम होने से सबसे अधिक असर लोकल और ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। शहर से गांवों को जोड़ने वाले कई मार्गों पर नियमित बस सेवा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण राजकुमार, हरदेव, रिषभ, प्रतीक का कहना है कि सुबह और शाम के समय बसें न मिलने से नौकरीपेशा, विद्यार्थियों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई बार लोगों को बस स्टैंड और सड़कों पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। समय पर बस न मिलने से विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज और कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर देरी से पहुंचते हैं।
ऐसे हालात में लोग सार्वजनिक परिवहन सेवा पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। इस कारण लोग निजी वाहन व अन्य यातायात साधनों से सफर करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि रोडवेज विभाग ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाए तो निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे जहां लोगों का खर्च घटेगा, वहीं पेट्रोल-डीजल की खपत और प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा।