संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल अब बड़ा आंदोलन बनती जा रही है। वीरवार को भारतीय किसान यूनियन, रोडवेज कर्मचारी यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ समेत कई संगठनों ने सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरते हुए जगाधरी वर्कशॉप रोड पर अमन पैलेस के सामने जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने वर्कशॉप रोड से लेकर आईटीआई तक पैदल रोष मार्च भी निकाला। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। हड़ताली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लगी एजेंसी के सुपरवाइजर द्वारा जानबूझ कर सड़क पर कूड़ा डलवाया गया, ताकि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को बदनाम किया जा सके।
इस आरोप को लेकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों और ठेकेदार पक्ष के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि धक्का-मुक्की जैसी नौबत आ गई। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जाम में फंसे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोला गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। सर्व कर्मचारी संघ के नेता महिपाल सोडे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। किसान यूनियन और रोडवेज यूनियन के नेताओं ने भी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को जायज बताते हुए समर्थन जारी रखने की बात कही।
शहर में 1400 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जमा
सात दिन से कूड़ा उठान नहीं होने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निगम क्षेत्र में करीब 1400 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हो चुका है। कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हालात यह हैं कि कई जगह लोगों का गुजरना तक मुश्किल हो गया है। चारों ओर दुर्गंध फैलने से स्थानीय लोग परेशान हैं। बाजारों में दुकानों के आगे कचरे के ढेर लगने से व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द कूड़ा नहीं उठाया गया तो हालात और खराब हो सकते हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द बातचीत होगी और सफाई व्यवस्था बहाल की जाएगी।
हड़ताल पर गए कर्मियों की सरकार से बातचीत चल रही है। परंतु कूड़ा उठाने में लगे वाहनों को रोकना गलत है। कूड़ा उठवाने के लिए नगर निगम ने 18 ट्रैक्टर-ट्राली की अलग से व्यवस्था कर दी है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
रेलवे रोड पर दुकान के बाहर से कचरे को साफ करता युवक। संवाद
रेलवे रोड पर दुकान के बाहर से कचरे को साफ करता युवक। संवाद