लंबित मांगें पूरी न होने पर नगर पालिका कर्मचारी संघ से जुड़े नगर निगम कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी नगर निगम कार्यालय के समक्ष दो घंटे तक डेरा लगाए रखा। कर्मचारियों ने इस दौरान सरकार व नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नगर पालिका कर्मचारी संघ से जुड़े नगर निगम के सभी कर्मचारी दूसरे दिन भी भी जिला प्रधान श्याम लाल बालू की अध्यक्षता में यमुनानगर के नगर निगम कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुए। लंबित मांगे पूरी न होने पर यहां उन्होंने नगर निगम प्रशासन व सरकार विरोधी नारेबाजी की। मंच संचालन शाखा सचिव प्रवेश परोचा ने किया। जिला प्रधान श्याम लाल बालू ने कहा कि नगर निगम प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2015 को उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों सहित 21 सूत्रीय मांगपत्र नगर निगम प्रशासन को दिया था।
उस समय स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में काफी रोष है। उन्होंने कहा कि संघ पदाधिकारियों ने कई बार स्थानीय प्रशासन के साथ बातचीत की, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने टाल मटोल का रवैया अपनाया हुआ है। प्रदर्शन में नकली राम, मदन लाल, मांगे राम तिगरा, प्रेमचंद, रणजीत, जनकराज, राजकुमार धारीवाल, पपला, रविंद्र, जयभगवान, राजकुमार ससौली, श्योरण आदि मौजूद रहे।
ये है मुख्य मांगे :
- अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को 95 सौ रुपये डीसी रेट दिया जाए।
- सिनियोरिटी के आधार पर सफाई सुपरवाइजर तैनात किए जाए।
- 21 सूत्रीय मांग पत्र की सभी मांगों को पूरा किया जाए।
- कर्मचारियों को वर्दी व जूते दिए जाएं।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- कच्चे कर्मचारियों को सफाई करने के लिए रेहड़ी, पंजा, झाडू, डांगा, कस्सी आदि सामान दिया जाए।