यमुनानगर। यमुनानगर व जगाधरी के करीब सौ बकायादारों पर करीब 18 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स बकाया है। यह स्थिति कई सालों से बनी हुई है। हर साल निगम की 15 से 20 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स की लेनदारी रहती है। निगम अधिकारी भी मानते हैं कि यदि यह रकम निगम के खाते में आए तो शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं।
यमुनानगर व जगाधरी शहर में नगर निगम के करीब सौ बकायादार ऐसे हैं, जिनसे नगर निगम ने पांच लाख से लेकर सवा करोड़ रुपये तक लेने हैं। बकायादारों में सरकारी कार्यालयों के अलावा बड़े औद्योगिक घराने, व्यवसायिक भवन मालिक, अस्पताल, माल, शिक्षण संस्थान व धार्मिक संस्थाएं शामिल हैं। अधिकारियों की मानें तो प्रापर्टी टैक्स बकायादारों को नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद वे कुछ रकम जमा करवा देते हैं, लेकिन अधिकतर बकायादारों ने अपना पूरा टैक्स जमा नहीं करवाया है। कुछ महीने पहले नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स न देने वाले सरकारी विभाग के टॉवर को सील कर दिया था, जिसके बाद विभाग की ओर से कुछ बकाया रकम जमा करवाई गई थी।
टैक्स आए तो मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्य करवाने के लिए सरकार की ओर से ग्रांट दी जाती है, लेकिन सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत जैसी जरूरी सुविधाएं व कर्मचारियों का वेतन निगम प्रशासन अपनी आय से मुहैया करवाता है। प्रापर्टी टैक्स नगर निगम की आय का एक बड़ा जरिया है। लेकिन इसमें हर साल वसूली काफी कम होती है।
यमुनानगर में प्रापर्टी टैक्स के बड़े बकायादार
केेंद्रीय सरकारी विभाग तीन करोड़ 36 लाख
भल्लारपुर इंडस्ट्रीज (पेपर मिल) एक करोड़ 25 लाख
पब्लिक हेल्थ 39 लाख
मुकंद लाल नेशनल कॉलेज 17 लाख
मधु होटल 13 लाख
सत्य साईं जागृति विद्या मंदिर 12 लाख
जेपी अस्पताल 10 लाख
लक्ष्मी थियेटर सात लाख
संत निश्चल सिंह ट्रस्ट सात लाख
आशीर्वाद रिसोर्ट पौने सात लाख
सदर पुलिस स्टेशन चार लाख
बाक्स-
जगाधरी में नगर निगम के बड़े बकायादार
उप्पल माल 98 लाख
जिला जेल 87 लाख
पुलिस लाइन 85 लाख
भाखड़ा ब्यास मेनजमेंट बोर्ड 55 लाख
पंडित आटोमोबाइल्स 44 लाख
सफायर होटल 25 लाख
स्वामी विवेकानंद नर्सिंग कॉलेज व पब्लिक स्कूल 24 लाख
सरस्वती विद्या मंदिर 24 लाख
महाराजा अग्रसेन कॉलेज 24 लाख
ईएसआई हास्पिटल 22 लाख
वर्जन::::::::::
प्रापर्टी टैक्स वसूल करने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है। हर साल करोड़ो रुपयें बकाया होने पर संबंधित निगम अधिकारियों से जवाब-तलबी की जानी चाहिए।
निर्मल चौहान, महिला पार्षद, वार्ड नंबर 13
वर्जन:::::::::
लंबे समय से प्रापर्टी टैक्स न देने वालों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हर साल प्रापर्टी टैक्स के करोड़ों रुपये बकाया रहते हैं। टैक्स के रूप में मिली राशि नगर निगम क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर खर्च की जाती है। यदि लोग अपना पूरा टैक्स जमा करेंगे तो हम बेहतर सर्विस दे पाएंगे।
विजयपाल यादव, ईओ ,यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम।
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