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प्रापर्टी टैक्स भरने के लिए खाने पड़ रहे धक्के

Fri, 06 Dec 2013 12:34 AM IST
यमुनानगर
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जैसे-जैसे प्रापर्टी टैक्स भरने की समय सीमा पास आ रही है, वैसे ही नगर निगम कार्यालय में लोगों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। वीरवार को टैक्स भरने वालों की कार्यालय में मारामारी रही।
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वैसे तो लोगों की सहूलियत को देखते हुए निगम अधिकारियों की ओर से टैक्स संबंधी पूरी कार्रवाई के लिए हाल में ही काउंटर लगवा दिए थे। लेकिन इससे भी लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुईं। प्रापर्टी टैक्स के लिए दिए जा रहे फार्म को भरने के लिए महिलाएं और बुजुर्ग दिनभर भटकते रहे।

लेकिन उन्हें गाइड करने वाला कोई नहीं मिला। कई लोग तो ऐसे थे जो टैक्स भरने के लिए सुबह दस बजे ही नगर निगम कार्यालय में पहुंच गए थे और दोपहर दो बजे तक फार्म भी पूरा नहीं भर पाए। कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो कई दिनों से टैक्स भरने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब तक वे टैक्स ही जमा नहीं करा पाए हैं। नगर निगम में कुछ डेढ़ लाख के करीब लोगों से प्रापर्टी टैक्स लेना है, और इन डेढ़ लाख कर्मचारियों से टैक्स लेने के लिए दो चार कर्मचारी ही लगाए गए हैं। इससे पता चलता है कि निगम लोगों से टैक्स तो वसूलना चाहता है। लेकिन लोगों को धक्के खिलाने के बाद।
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फाइल अधूरी बता रहे अधिकारी
विष्णु नगर निवासी सुरेंद्र घई ने बताया कि वह तीन दिन से प्रापर्टी टैक्स भरने के लिए नगर निगम कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। फाइन पूरी करने के लिए उन्हें कभी किसी कमरे में भेज दिया जाता है, तो कभी किसी अधिकारी के पास। लेकिन अब तक उनकी फाइल को अधिकारी अधूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि निगम कार्यालय में टैक्स भरने आए थे। लेकिन उन्हें यहां धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सुबह से खाली पेट बैठा हूं
गिरी मंदिर आईटीआई निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि दो दिन से लगातार चक्कर लगा रहा हूं। लेकिन अब तक प्रापर्टी टैक्स नहीं भर पाया हूं। वीरवार को सुबह नौ बजे ही कार्यालय में इस लिए जल्द आ गया था, कि भीड़ कम होगी और जल्द ही टैक्स भरा जाएगा। लेकिन यहां पर तो अधिकारी फाइल ही अधूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि मेरी उम्र 85 साल हो गई है। दो दिन से चक्कर लगाने से तबीयत भी खराब हो गई है, लेकिन टैक्स नहीं भर पाया।

कोई कुछ नहीं बताने को तैयार
मुंडा माजरा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि मजदूरी कर घर का खर्च चलाता हूं। दो दिन से यहीं पर टैक्स भरने के लिए आ रहा हूं। लेकिन न तो फार्म भर पाया हूं और न ही कोई यह बताने को तैयार है कि उसका टैक्स कितना बनता है या फिर उसे टैक्स देना पड़ेगा या नहीं। उनका कहना है कि दो दिन से मजदूरी भी नहीं कर पाया हूं। अभी तक कुछ जमा पैसों में से टैक्स भरने के लिए लाया था। लेकिन यहां पर कुछ भी पता ही नहीं चल रहा है।

निगम के रिटायर्ड कर्मचारी भी परेशान
गोबिंदपुरी निवासी एसके गोयल ने बताया कि वह नगरपालिका कार्यालय से ही रिटायर्ड हुए हैं। उन्हें भी यहां कोई सिस्टम समझ में नहीं आ रहा है। दो दिन से वह भी टैक्स भरने के लिए धक्के खा रहे हैं। उनका कहना है कि जब इसी कार्यालय के रिटायर्ड कर्मचारी को इतने धक्के खाने पड़ रहे हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा। उनका कहना है कि यहां पर कोई सिस्टम ही नहीं है। टैक्स भरने वालों की बस मारामारी है। न तो महिलाओं के लिए अलग से कोई लाइन है और न ही सीनियर सिटीजन के लिए।
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