संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। निजी बस संचालकों की मनमानी स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। यदि किसी निजी बस में सात-आठ से ज्यादा पासधारक विद्यार्थी चढ़ जाएं तो उन्हें नीचे उतारा जा रहा है। इसे लेकर रोजाना झगड़े हो रहे हैं।
अब मामले का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें रादौर रोड पर लगी निजी बस का परिचालक पासधारक विद्यार्थियों को बस से नीचे उतार रहा है। जब वीडियो बनाने वाले इसकी शिकायत रोडवेज जीएम से करने की बात कही तो परिचालक लोगों को धमकाता है कि उनसे जो होता है वह कर ले।
विद्यार्थी शिकायत लेकर रोडवेज कार्यालय जाते हैं तो वहां से उन्हें एक ही रटा सा जवाब दिया जाता है कि निजी बसें उनके अधीन नहीं है। इन पर कार्रवाई केवल आरटीए ही कर सकते हैं। आरटीए कार्यालय यमुनानगर बस स्टैंड से जगाधरी में करीब चार किलोमीटर दूर है, इसलिए कोई वहां शिकायत करने नहीं जाता।
यदि वह शिकायत करने आरटीए कार्यालय में जाएंगे तो समय पर न तो कॉलेज पहुंच पाएंगे और न ही अपने घर में। वहीं बस के लिए पास रोडवेज जीएम की ओर से बनाए जा रहे हैं। एक निजी बस संचालक की शिकायत कुछ माह पहले भी आरटीए कार्यालय में की गई थी। छात्राओं ने बसें अड्डे पर न रोकने के आरोप लगाए थे। अधिकारियों ने बस का मामूली सा चालान काट कर मामले को रफा-दफा कर दिया है।
नुकसान का देते हैं हवाला
निजी बसों के परिचालक गिन कर छह या सात छात्राओं को बस में बिठाते हैं। यदि एक छात्रा भी ज्यादा चढ़ जाती है तो बस से नीचे उतार दिया जाता है। निजी बस संचालकों का तर्क है कि यदि वह ज्यादा पास धारकों को बिठाएंगे तो उन्हें रोजाना काफी नुकसान होगा। नियमानुसार रोडवेज से पास बनवाने वाली छात्राएं, जितनी चाहे संख्या में बस में बैठ सकती हैं। स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हरियाणा रोडवेज से अब 150 किलोमीटर दूरी तक का बस पास बनवा सकते हैं। यह पास हरियाणा रोडवेज व प्राइवेट को-ऑप्रेटिव बसों में भी मान्य होता है। को-ऑप्रेटिव सोसाइटी की जिले में 32 प्राइवेट बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं।
रोडवेज की ओर से बनाया गया बस पास सरकारी व निजी दोनों बसों में मान्य होता है। यदि कोई निजी बस संचालक पास धारक विद्यार्थियों को बसों में बिठाने से मना कर रहा है तो वह गलत है। इसकी जांच की जाएगी। पासधारक किसी भी विद्यार्थी को बस से नीचे उतारा गया तो संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र रेयडू, सहायक सचिव, आरटीए जगाधरी।