जिला जेल में बंद स्मैक के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी टोडरपुर निवासी मुस्ताक (30) की बुधवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। सिविल अस्पताल पहुंचे परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाए है कि कि मंगलवार को उन्हें जेल में न तो मुस्ताक से मिलने नहीं दिया गया था और न उसकी तबीयत बिगड़ने की उन्हें कोई जानकारी दी गई। बुधवार को जेल से फोन आने पर जब वे सिविल अस्पताल पहुंचे तो यहां उसे मृत हालत में पाया। परिवार ने पूरे मामले में जांच की मांग की है। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतक के बड़े भाई आरिफ ने बताया कि उसके छोटे भाई मुस्ताक (30) को झूठे आरोप में गांव के युवकों ने रंजिशन फंसाया था। एक जून को गांव के छह युवकों ने छोटे भाई मुस्ताक से मारपीट कर उसकी जेब में स्मैक डाल दी और सदर पुलिस से पकड़वा दिया। गिरफ्तारी के बाद दो जून से मुस्ताक को जेल में बंद कर दिया गया। आरिफ ने बताया कि वह मंगलवार को मुस्ताक को जेल में कपड़े देने गए थे, किंतु जेल प्रशासन ने उन्हें मुस्ताक से मिलने नहीं दिया। बुधवार दोपहर में जेल से फोन आया कि मुस्ताक को सिविल अस्पताल लाया गया है।
इसके बाद वह परिवार के सदस्यों के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे तो मुस्ताक को मृत अवस्था में पाया। आरोप है कि मुस्ताक की मौत युवकों की ओर से की गई मारपीट की वजह से हुई है। उन्होंने मजिस्ट्रेट से मामले की जांच करवाने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मुश्ताक के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से करवाया गया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई करने की बात कह रही है।
वर्जन
आरोपी मुस्ताक को एक जून को स्मैक के साथ सदर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर दो जून को कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे जेल भेज दिया गया था। - महावीर, इंचार्ज एंटी नारकोटिक्स सेल
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दो जून को एनडीपीएस एक्ट के मामले में टोडरपुर निवासी मुस्ताक को जेल लाया गया था। स्मैक नहीं मिलने पर उसकी तबीयत बिगड़ी। जिस पर उसे दो बार अस्पताल ले जाया गया था। जहां तक जेल में उससे मिलने न देने की बात है, इस बारे में हाई पॉवर कमेटी की ओर से प्रतिबंध लगाया हुआ है। परिजनों द्वारा लगाए आरोप बेबुनियाद है। - संजीव पातड़, जेल अधीक्षक