संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। डेहा बस्ती के पास 4600 के नकली नोटों के साथ पकड़े गए आरोपी रुबी सिंह व राकेश की निशानदेही पर पुलिस ने नकली नोटों की छपाई में इस्तेमाल किए गए प्रिंटर और 500 के चार नकली नोट गांव ममीदी से बरामद किए। दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन का और रिमांड लिया है। इस दौरान और भी बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक दो दिन के रिमांड के दौरान रुबी ने पूछताछ में बताया कि ममीदी में किराए पर कमरा लेकर वह दोस्त दुर्गेश निवासी यूपी के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करता था, जिन्हें वह राकेश के साथ मिलकर बाजार में चलाने से पहले ही पकड़ा गया। एसएचओ धर्मपाल ने बताया कि दुर्गेश एक लैपटॉप व प्रिंटर लेकर फरार हो गया है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने 26 फरवरी देर शाम को गुप्त सूचना के आधार परडेहा बस्ती के पास आरोपी भंभोली वासी रुबी ऊर्फ रवि व राकेश वासी जठलाना को 4600 के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों यहां इन नकली नोटों को खपाने के लिए पहुंचे थे। रुबी इससे पहले भी वर्ष-2017 में नकली नोटों के साथ पकड़ा जा चुका है। वह बिलासपुर में कंप्यूटर सेंटर चलाता था। यहां पर प्रिंटर के जरिए नकली नोट तैयार करता था।
वह मार्च 2021 में अपने साथी प्रदीप के साथ जगाधरी रेस्ट हाउस के पास पकड़ा गया था। यहां पर उन्होंने सब्जी विक्रेता को नकली नोट दिया था। इस पर हंगामा हुआ और पुलिस ने रुबी व प्रदीप को पकड़ लिया। दिसंबर 2022 में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से यह धंधा शुरु कर दिया। छेड़छाड़ के मामले में जेल में बंद राकेश के साथ रुबी की दोस्ती जेल में रहने के दौरान हुई थी।