यमुनानगर। रबी सीजन की गेहूं खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। एक अप्रैल से प्रदेशभर में शुरू होने वाली खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल से 2425 रुपये से अधिक है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का फोकस इस बार न केवल खरीद प्रक्रिया को तेज रखने पर है, बल्कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत करने पर है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों और मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अनाज मंडियों में पीने के पानी, साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत और बिजली की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और कैंटीन जैसी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया, ताकि मंडियों में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बनी रहे।
खरीद एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं के भंडारण के लिए पर्याप्त गोदाम, बारदाना (बोरियां) और श्रमिकों की व्यवस्था पहले से कर ली जाए। इसके अलावा खरीदी गई फसल का भुगतान किसानों को प्रतिदिन किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने उठान कार्य में देरी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे मंडियों में जाम की स्थिति बनती है और किसानों को अपनी फसल डालने में दिक्कत होती है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से मंडियों का निरीक्षण करने और मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं किसानों से अपील की गई कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही मंडियों में लेकर आएं, ताकि उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके। संवाद