संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत कौर की ओर से एक दिन पहले सोनाेलॉजिस्ट को दी गई नसीहत का कोई असर देखने को नहीं मिला। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आई गर्भवतियां मंगलवार को दूसरे दिन भी परेशान रहीं।
महिलाएं सुबह नौ बजे से डॉक्टर का इंतजार कर रही थीं, लेकिन वह दोपहर सवा 12 बजे के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचीं। डॉक्टर के देरी से आने पर लोगों में काफी रोष देखा गया। अस्पताल में गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड करने वाली सोनाेलॉजिस्ट डॉ. संजना दुआ की शिकायत लोगों ने ए सोमवार को पीएमओ डाॅ. नवजोत कौर से की थी।
इस पर पीएमओ ने सोनोलॉजिस्ट को खुद फोन करके समय पर अस्पताल में आने की नसीहत दी थी। ऐसा माना जा रहा था कि शायद अब गर्भवतियों की दिक्कत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। डॉक्टर मंगलवार को भी सुबह से दोपहर तक अस्पताल में नहीं पहुंची।
तब तक उनके केबिन के सामने गर्भवतियों व उनके साथ आए परिजनों का जमावड़ा लग चुका था। अल्ट्रासाउंड जल्दी हो जाए इसके लिए गर्भवतियां अपने पति व अन्य परिजनों के साथ सुबह नौ बजे ही अस्पताल में पहुंच गई थी। परंतु उन्हें नहीं पता था कि आज भी उनका पूरा दिन अस्पताल में ही खराब जाने वाला है।
शहर की नवाब कॉलोनी निवासी मोहम्मद साबिर ने बताया कि उसकी पत्नी तबस्सुम छह माह की गर्भवती है। डॉक्टर ने चेकअप के बाद पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने को कहा था। वह पत्नी को लेकर सोमवार को अल्ट्रासाउंड केंद्र आया था। डॉक्टर दोपहर को डेढ़ बजे के बाद अस्पताल में आई। कल पत्नी का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका था। मंगलवार को दोपहर सवा 12 बजे तक भी डॉक्टर अपने केबिन में नहीं आईं।
बैंक कॉलोनी के राहुल ने बताया कि उसकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है। डॉक्टर के कहे अनुसार वह जिला अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मंगलवार सुबह नौ बजे ही पहुंच गया था। डॉक्टर सवा 12 बजे के बाद अस्पताल में आईं। वह तीन दिन से लगातार अस्पताल में आ रहा है। इससे तो ऐसा लगता है कि डॉक्टरों पर किसी का कंट्रोल ही नहीं है।