खरीद प्रक्र्तिया का निरीक्षण करते अधिकारी।
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धान की खरीद शुरू होने के बावजूद जिले की मंडियों में किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा। जिससे किसानों में रोष बना हुआ है। शुक्रवार को लगभग सभी 13 मंडियों में धान खरीदा गया, लेकिन लिफ्टिंग के मामले में अधिकारियों के दावे फेल नजर आ रहे हैं। अधिकतर मंडियों में धान खुले में पड़ा हैं। जिन्हें न तो बारदाना मिला है और न ही कोई गोदाम। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने शुक्रवार को रादौर व गुमथला अनाज मंडियों का दौरा कर धान की खरीद का निरीक्षण किया। जिला प्रधान ने बताया कि मंडी में किसानों की धान का उठान नहीं हो रहा है। जिससे किसान और आढ़ती दोनों परेशान है। मंडियों में धान की फसल डालने के लिए जगह नहीं है। किसानों को उठान न होने के कारण अपनी धान की फसल डालने के लिए दिक्कत उठानी पड़ रहीं है। उन्होंने कहा कि किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल तथा गेट पास के कारण बहुत परेशान किया जा रहा है। जे फार्म भी किसानों के नहीं काटे जा रहे हैं। किसानों को फसल बेचने की कच्ची पर्ची दी जा रही है। धान में नमी के नाम पर भी किसानों को परेशान किया जा रहा है। नमी 17 प्रतिशत की बजाय 22 प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज सरकार की गलत नीतियों के कारण मंडियों में हाहाकार मचा हुआ है। किसान अपनी फसल नहीं भेज पा रहे हैं। 5 अक्तूबर को हिसार के बरवाला में आयोजित महापंचायत में सरकार से हिसाब चुकता किया जायेगा। जिसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में अधिकार किसान महापंचायत में सरकार के खिलाफ राजनीतिक और आर्थिक तौर पर कड़े फैसले लिए जाएंगे। इस अवसर पर उदय सिंह कुंजल प्रधान रादौर, रमेश ढिल्लों जिला महासचिव, अशोक शर्मा खजूरी, मंडल उपाध्यक्ष सुभाष चमरौडी, साहबसिंह खजूरी, अश्वनी मौदगिल दुसानी, सुरेश कंबोज बुबका, पवन कंबोज अलाहर, कर्मवीर बरेहडी, रघुवीर सिंह, इंदरजीत बजाज गुमथला, गुरदयाल सिंह जुब्बल आदि किसान मौजूद रहे।
चौथे दिन अनाज मंडी में आढ़ती व खरीद एजेंसी के बीच सहमति बनने के बाद खरीद शुरू हुई। खरीद एजेंसी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से जारी नियमावली के अनुसार ही धान की खरीद की जाएगी। मंडी में आने वाली धान की फसल में नमी 17 प्रतिशत, गुणवत्ता व साफ सफाई के आधार पर ही धान खरीदी जाएगी। मंडी में धान की फसल लेकर आने वाले किसानों के एक-एक दाने को सरकारी मूल्य पर खरीदा जाएगा। राकेश कुमार ने बताया कि व्यापारियों के लिए बारदाने का प्रबंध भी खरीद के साथ कर दिया जाएगा। किसी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। आढ़ती एसोसिएशन प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से 29 सितंबर से जिले में धान की खरीद के आदेश थे। लेकिन बारदाना न मिलने व आपसी सहमति न बन पाने के कारण तीन दिन से खरीद नहीं हो पा रही थी। आढ़तियों के पास रोजाना दो दर्जन से अधिक किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार से धान की खरीद होने से किसानों ने राहत की सांस ली।
जिला प्रशासन के आदेशों पर धान खरीद शुरू हो गई। लेकिन फसल के उठान को लेकर अभी भी आढ़तियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आढ़तियों का कहना है कि जिला प्रशासन के आदेश पर धान की खरीद शुरू करवा दी गई है। लेकिन उठान को लेकर कोई निश्चित जगह नहीं चुनी गई है। अगर प्रदेश सरकार द्वारा धान की खरीद के साथ उसका उठान न किया गया तो मात्र 36 घंटे में मंडी भर जाएगी। जिसके बाद एक भी बोरी रखने की जगह नहीं बचेगी। जिसके कारण किसानों को भारी परेशानी आ सकती है।
मार्केट कमेटी सचिव संत कुमार ने बताया कि शुक्रवार को अनाजमंडी में धान की खरीद शुरू हुई है। उठान प्रक्रिया खरीद एजेंसी सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देश व नियमावली के अनुसार ही स्त्रत्त्करेंगे। किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
सरकार द्वारा कृषि संबंधी तीन कानूनों को लागू करने व पीपली रैली के दौरान किसानों पर लाठी चार्ज करने के विरोध में गांव गुंदयाना के किसानों ने भाजपा व जजपा के नेताओं को गांव में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। किसानों ने गांव के बाहर इस संदर्भ में एक बैनर लगाकर इस बारे भाजपा व जजपा के नेताओं को गांव में प्रवेश न करने बारे चेतावनी दी गई है। वहीं गांव में जबरन प्रवेश करने पर जजपा व भाजपा के नेताओं का ऐसे स्वागत किये जाने की चेतावनी दी गई है, जैसे सरकार ने पीपली रैली में किसानों पर लाठी चार्ज के दौरान किया था। भाकियू जिला प्रधान संजु गुंदयाना ने बताया कि सरकार ने कृषि संबंधी 3 अध्यादेशों को पारित कर किसानों को आर्थिक रूप से बर्बाद करने का काम किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जजपा व भाजपा के नेताओं का गांव में आने पर सभी जगह कडा विरोध किया जायेगा।
रादौर, जठलाना व गुमथला की अनाजमंडियों में शुक्रवार को हैफेड की ओर से धान की सरकारी खरीद की गई। वहीं अभी तक हैफेड की ओर से वीरवार की देर शाम तक अनाजमंडी में 16 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद की गई। वहीं में वेयरहाउस की ओर से 820 क्विंटल व जठलाना में 790 क्विंटल धान की खरीद की गई है। शुक्रवार देर शाम तक रादौर अनाजमंडी में हैफेड द्वारा लगभग 15 हजार क्विंटल,गुमथला में 17 हजार क्विंटल व जठलाना में 12 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई है। इसके बावजूद शहर की अनाजमंडी में धान के अंबार लगे हुए है। हैफेड के मैनेजर पवन कांबोज ने बताया कि मंडी में उठान की व्यवस्था की जा रहीं है। आज से उठान शुरू हो जायेगा। हैफेड द्वारा अब तक खरीदा गया लगभग 30 हजार क्विंटल धान का उठान का काम चल रहा है। जल्द ही फड पर पड़ा धान उठवा लिया जायेगा। इस बार हैफेड की ओर से खुद धान की खरीद करके उसे स्टोर किया जायेगा। मिलर्स के आने के तक हैफेड की ओर से स्टोरेज की व्यवस्था की जायेगी। 17 प्रतिशत नमी तक ही धान की खरीद की गई है। मंडी में कई दिन से धान की फसल पड़ी हुई है। जिस कारण फसल सूखी हुई है और नमी ठीक है। उन्होंने बताया कि सप्ताह में 5 दिन धान की सरकारी खरीद की जायेगी। बुधवार, वीरवार व शुक्रवार को हैफेड की ओर से और सोमवार, मंगलवार को वेयरहाउस की ओर से खरीद की जायेगी। शनिवार को सप्ताह का बचा हुआ धान खरीदा जायेगा। वहीं रविवार को कोई भी ऐजेंसी धान की खरीद नहीं करेगी। 17 प्रतिशत नमी वाले धान को 1888 रुपये के निर्धारित मूल्य पर खरीदा जा रहा है।