जिले की मंडियों में बाहरी राज्यों की धान को रोकने के लिए रविवार को पुलिस और कृषि अधिकारियों ने सख्ती दिखाई। जिसके चलते यूपी और हिमाचल सीमा पर किसानों और अधिकारियों के बीच तनातनी बन गई। हथिनीकुंड बैराज पर भी अधिकारियों ने यूपी के किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियां रोक लीं। जिस पर यूपी के किसान भड़क गए और नारेबाजी करते हुए रोष जताया। किसानों ने जिला प्रशासन को चेताया कि अगर उनका धान मंडियों में आने से रोका गया तो वह यूपी से हथनीकुंड आने वाले रास्ते को ही बंद कर देंगे। इसके बावजूद भी जब उन्हें इंट्री नहीं दी तो उन्होंने बैराज पर यूपी साइड में ट्रैक्टर ट्रालियां अड़ा दी। जिसके चलते जाम लग गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
किसान अनिल कुमार चौहान, रामकुमार, भान सिंह, डब्बू, श्रीराम आदि ने कहा कि वे अपनी फसल को देशभर में कहीं भी किसी भी मंडी में बेच सकते हैं। यह किसानों का हक है। इस तरह डंडे के बल पर किसानों को रोकना गलत है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके पास कोई भी लिखित में आदेश नहीं हैं। उसके बावजूद भी किसानों को मंडी में आने से रोका जा रहा है। जो सरासर गलत है।
हरियाणा के रास्तों को बंद करने की चेतावनी दी
अगर किसानों के साथ इस प्रकार से ज्यादती की गई तो वे लोग आने वाले समय में अन्य कार्रवाई करने को मजबूर होंगे। किसानों ने तो यहां तक भी कहा अगर उनका अनाज हरियाणा की मंडी में नहीं आने दिया जाएगा तो वह लोग यूपी से आने वाले हरियाणा के रास्तों को बंद कर देंगे। किसानों ने कहा कि अगर अधिकारियों के पास लिखित में कोई आदेश है तो वह दिखाएं और हथिनी कुंड बैराज पर एक बोर्ड लगाया जाए कि यूपी का किसान हरियाणा में अनाज नहीं बेच सकता। किसानों ने हथिनी कुंड बैराज पर ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर से उस आदेश की कॉपी मांगी।
व्यापारियों पर रोक लगे, किसानों पर नहीं
यूपी के किसानों ने कहा कि आदेशों की जो कॉपी अधिकारी दिखा रहे हैं, वह केवल व्यापारियों के अनाज की रोक के लिए है। किसानों के लिए कोई मनाही नहीं है। उन्होंने प्रशासन व सरकार से आग्रह किया है कि या तो उनका अनाज मंडियों में लिया जाए नहीं तो वह अगली कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
इस बारे में थाना प्रताप नगर के प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार यूपी व हिमाचल से आने वाले धान रोक लगाने के लिए बकायदा नाके लगाए हुए हैं। जिसमें पुलिस कर्मचारी व संबंधित विभाग की तरफ से कर्मचारी तैनात हैं, जो दूसरे राज्यों से आने वाले अनाज को रोक रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन ब्लाक छछरौली के ब्लॉक प्रधान मोहन लाल मुंडाखेड़ा के नेतृत्व में किसानों ने रविवार को मार्केट कमेटी छछरौली के कार्यालय के सामने धान खरीद ना होने के चलते रोष प्रकट किया। किसानों ने उपायुक्त के नाम एक शिकायत भी अधिकारियों को दी । जिसमें तुरंत धान की खरीद चालू करने की मांग की गई है। ब्लॉक प्रधान ने कहा कि राजनीति के तहत धान की खरीद बंद कर दी गई है। इससे किसान परेशान और हताश हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को देखते हुए तुरंत धान की खरीद सुचारू रूप से कराई जाए ताकि किसान अपनी फसल बेच सकें। किसान करनैल सिंह, समय सिंह, किरणपाल, धनीराम, रणबीर सिंह, कर्मवीर सिंह, मेघनाथ, संदीप कुमार, राजपाल, नैब सिंह, रिंकू शर्मा, राजपाल गनौला आदि का कहना है किसान अपने 6 महीने की मेहनत को जब मंडी लेकर आता है तो उसे तरह-तरह के बहाने लगाकर खरीद करने से मना कर दिया जाता है। कहीं गेट पास लगा दिया जाता है और कहीं उनके अनाज में नमी बताई जाती है और कहीं मेरी फसल मेरा ब्यौरा में पंजीकरण ना होने के कारण उनकी खरीद को मना कर दी जाती है।