त्यागी गार्डन क्षेत्र में रविवार सुबह पौने सात बजे बिजली गिरी। इस दौरान जोरदार धमका हुआ। बिजली गिरने से लोगों के घरों में लगे बिजली उपकरण सड़ गए। धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर आ गए। गनीमत रही कि लोग बिजली गिरने के दौरान बाल-बाल बच गए और बड़ा हादसा बच गया। घटना की सूचना मिलने के बाद बिजली निगम के जेई महेंद्र रोहिला मौके पर पहुंचे और जल्द बिजली सुचारु करने का आश्वासन दिया।
त्यागी गार्डन के देसराज ने बताया कि रविवार करीब सुबह 6:45 बजे वह घर के बरामदे में बैठकर किताब पढ़ रहा था। इसी दौरान जोरदार धमका हुआ। करीब दस मिनट तक उसके कान सुन पड़ गए और आंखाें के सामने अंधेरा छाया रहा। इस दौरान उनकी पत्नी बाला देवी रसोई में खाना बना रही थीं। बेटा शुभम (21) कमरे में सो रहा था। घर में लगा बिजली का मीटर बिजली गिरने से टूटकर दूर जा गिरी। मोटर, फ्रिज व पूरे घर की वायरिंग समेत अन्य बिजली उपकरण सड़ गए।
बिजली गिरने से कॉलोनी के प्रभु सिंह के घर की पानी की मोटर, टीवी, सुनील के घर में टीवी, मनोज के घर में टीवी, गुरमुख के घर में टीवी, फेन व इनवर्टर, बनारसी दास के घर में इनवर्टर व दो टीवी, रमेश चंद के घर में पंखा व कूलर, मदन पाल के घर में दो पंखे, जगदीश के घर में दो पंखे, टीवी व इनवर्टर, अनिल के घर में पानी की मोटर, दो पंखे, राजकुमार के घर में दो टीवी व पानी की मोटर, बंसी लाल के घर में इनवर्टर, राकेश कुमार के घर में पानी की मोटर, टीवी, सुरेश के घर इनवर्टर व सेवाराम के घर में दो पंखे व इनवर्टर खराब हो गए।
कॉलोनी के लोगाें ने बिजली गिरने की सूचना बिजली निगम को दी। मौके पर पहुंचे बिजली निगम के जेई महेंद्र राहिला ने लोगों को जल्द बिजली सुचारु करने का आश्वासन दिया।
छह घंटे रही बत्ती गुल
बिजली गिरने के बाद त्यागी गार्डन सहित आसपास के क्षेत्र के सैकड़ाें घरों में सुबह पौने सात बजे से बिजली बंद पड़ गई। बिजली निगम की टीमों ने करीब दोपहर एक बजे बिजली सप्लाई को सुचारु किया। करीब छह घंटे बत्ती गुल रहने से घरों में उमस के साथ लोगाें को पेयजल की दिक्कत का सामना करना पड़ा। निवासी रजनी, दुलारी, आशा, रानी ने कहा कि बारिश के बाद से घरों में उमस बढ़ गई है और बिना बिजली के पंखे-कूलर न चल पाने से उनके पसीने छूटे।
सिलेंडर फटने जैसी आवाज
कॉलोनी के रमेश चंद ने बताया जिस समय बिजली गिरी उस समय ऐसा लगा कि किसी घर में गैस सिलेंडर फटा हो। जोरदार धमाका होने से लोग सहम गए।
हादसे के बारे में लोगों से जानकारी लेने के बाद बिजली आपूर्ति को सुचारु करने के लिए टीमें बनाई गईं। दोपहर तक बिजली सप्लाई को सुचारु कर दिया गया था।
महेंद्र रोहिला, जेई, बिजली निगम।