बिजली निगम के बकायादारों में आम उपभोक्ताओं के अलावा सरकारी विभाग भी डिफाल्टरों की लिस्ट में हैं। जलापूर्ति और शिक्षा विभाग पर तो विभाग के करोड़ों रुपये बकाया हैं।
बिजली बिल जमा करने में बरती जा रही लापरवाही के कारण बिजली निगम करीब एक दर्जन विभागों को नोटिस देकर उनकी बिजली सप्लाई बंद करने की तैयारी कर रहा है। सरकारी प्रतिष्ठानों पर बिजली निगम के एक-दो करोड़ रुपये नहीं, बल्कि करीब 13 करोड़ रुपये बकाया हैं। बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी इन विभागों के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
बिजली बिलों के भुगतान के मामले में सरकारी विभाग आम उपभोक्ताओं से बढ़कर लापरवाह हैं। एक दर्जन से अधिक सरकारी विभाग लंबे समय से अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इस कारण बिजली निगम ने इन्हें डिफाल्टरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है।
बिजली निगम की ओर से इन विभागों को कई बार अपने बकाया बिलों का भुगतान करने को कहा है, लेकिन सरकारी बेपरवाह होकर विभाग मुफ्त की बिजली का मजा ले रहे हैं।
दरअसल निगम के डिफाल्टरों की लिस्ट में जलापूर्ति विभाग पहले नंबर पर है। जलापूर्ति विभाग ने बिजली निगम के करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये देने हैं। इस बकाया राशि में हर महीने इजाफा हो रहा है। वहीं शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों का भी बिजली निगम पर खासी रकम बकाया है। यदि निगम ने इनके कनेक्शन काटे तो बच्चों और अध्यापकों को स्कूलों में बिना बिजली के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
किस विभाग पर कितना बकाया
जलापूर्ति विभाग 11 करोड़ 55 लाख
शिक्षा विभाग 58 लाख 68 हजार
स्वजलधारा 9 करोड़ 20 लाख
तहसील 8 लाख 69 हजार
स्वास्थ्य विभाग पांच लाख
तहसील छछरौली तीन लाख
ट्रेजरी 3 लाख 93 हजार
एसडीएम आफिस 2 लाख 35 हजार
मार्केट कमेटी 3 लाख 39 हजार
पंचायत विभाग 3 लाख 22 हजार
कोआपरेटिव सोसाइटी एक लाख 98 हजार
बीडीओ, मुस्तफाबाद एक लाख 12 हजार
वन विभाग एक लाख 31 हजार
पुलिस विभाग एक लाख 44 हजार
सरकारी विभाग लंबे समय से बिजली निगम के बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इससे सरकारी विभागों की बकाया राशि बढ़ती जा रही है। निगम की ओर से इन विभागों को अंतिम बार नोटिस दिया जा रहा है। यदि भुगतान न हुआ तो एक हफ्ते में इन विभागों के बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
एचपी शर्मा, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम
स्वजलधारा स्कीम के तहत पंचायतों को सौंपे गए ट्यूबवेलों के बिजली बिल बकाया हैं। इनके बारे में सरकार ने फैसला करना है।
अरविंद रोहिला, एक्सईएन, जलापूर्ति विभाग
बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए मुख्यालय से बजट की डिमांड की गई है। रकम आते ही बकाया रकम का भुगतान कर दिया जाएगा।
उदय प्रताप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, यमुनानगर।