संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कूड़ा जलाने के आरोप में में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम पर करीब सात करोड़ 18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में निरीक्षण में कूड़ा जलता हुआ पाया गया।
शहर में रोजाना करीब 250 से 280 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के वाहन शहर के विभिन्न हिस्सों से कूड़ा एकत्रित कर कैल स्थित प्लांट में पहुंचाते हैं। ऐसे में प्लांट में कूड़ा जलता पाए जाने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम की जिम्मेदारी तय करते हुए जुर्माना लगाया है। बोर्ड अधिकारियों का तर्क है कि कूड़े का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी है।
वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि क्षेत्र में कहीं कूड़ा जलाया जा रहा है तो इसकी सूचना समय रहते दी जानी चाहिए। इससे निगम अधिकारी मौके पर पहुंचकर कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई कर सकते हैं और समस्या का समाधान भी किया जा सकता है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में कूड़ा जलाने की घटनाओं की सूचना नहीं मिलने से समय रहते कार्रवाई करना मुश्किल होता है।
कूड़ा जलाना नियमों का उल्लंघन : प्रदीप सिंह
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह का कहना है कि कूड़े का पर्यावरण अनुकूल निस्तारण करना पूरी तरह से नगर निगम की जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान कैल स्थित प्लांट में कूड़ा जलता हुआ पाया गया, जो पर्यावरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी के तहत नगर निगम पर यह जुर्माना लगाया गया है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई नगर निगम को ही करनी है।
यह मुद्दा नगर निगम सदन की बैठक में भी आया था कि कूड़ा जलाने वालों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्या कार्रवाई करता है। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई नगर निगम करेगा। ऐसे में सीधे जुर्माना लगाना गलत है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम, यमुनानगर।