सरकार की ओर से इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के डाक टिकट बंद करने के विरोध में सोमवार को कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। डीसी डा. एसएस फुलिया के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जिसमें इंदिरा व राजीव गांधी के डाक टिकट बंद नहीं करने की मांग की।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता सोमवार को अनाज मंडी गेट में एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे 73 से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। सचिवालय के बिल्डिंग गेट के समक्ष खड़े होकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। करीब 20 मिनट तक नारेबाजी करने पर भी कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल स्वयं डीसी कार्यालय में उन्हें ज्ञापन देने के लिए गया।
उन्होंने उपाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में डीसी डॉक्टर एसएस फुलिया को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। उपाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि भाजपा सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम से आने वाले डाक टिकट को बंद करने का निर्णय लिया है। जो शर्मनाक और निंदनीय घटना है। इंदिरा गांधी व राजीव गांधी ने जीवन भर देश के लिए संघर्ष किया। भाजपा सरकार उनका नाम मिटाना चाहती है।
प्रदर्शन में महामंत्री सतविंद्र संधू, पवन गर्ग, देवेंद्र चावला, सतपाल कौशिक, सुरेश ढांडा, भोपाल भाटी, भूपेंद्र राणा, सतीश दताना, राजकुमार त्यागी, यश अरोड़ा, गुरदयाल पुरी, कमल विनायक, अशीष शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रदर्शन में फिर दिखी गुटबाजी
सोमवार को हुए कांग्रेसियों के प्रदर्शन में एक बार फिर कांग्रेस की गुटबाजी नजर आई। प्रदर्शन में केवल पूर्व सीएम हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के गुट के कार्यकर्ता दिखाई दिए जबकि सैलजा गुट से कोई भी कार्यकर्ता नहीं पहुंचा। जो यह दर्शाया रहा था कि केंद्र और प्रदेश में करारी हार के बाद भी कांग्रेस में हुई गुटबाजी अब तक ज्यों की त्यों है।