संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दानिश गुप्ता की अदालत ने हत्या के मामले शिव कॉलोनी कैंप निवासी कर्ण को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत के इस निर्णय की विशेष बात यह रही कि संबंधित मामले में पुलिस ने अपनी जांच के दौरान दोषी कर्ण को निर्दोष करार दिया था। इसके विपरीत न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर उसे दोषी पाया, जिससे पुलिस की विवेचना पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक जुलाई 2020 की रात्रि मृतक ललित अपने परिचितों के साथ शिव मंदिर के समीप मौजूद था, जहां किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। विवाद के उपरांत ललित जब भट्टे के पास पहुंचा तो उस पर चाकू से गर्दन पर प्रहार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजनों ने उसे उपचार हेतु सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। प्रकरण में थाना फर्कपुर पुलिस ने नौ जुलाई 2020 को प्रारंभिक रूप से मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में 19 जुलाई को घायल ललित की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद पुलिस की ओर से मामले में हत्या तथा शस्त्र अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गईं।
न्यायालय ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि घायल अवस्था में ललित की ओर से पुलिस को दिए गए बयान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत हुए, जिन्होंने अभियोजन पक्ष के मामले को सुदृढ़ किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का परीक्षण करने के उपरांत अदालत ने आरोपी कर्ण के विरुद्ध आरोप संदेह से परे सिद्ध पाए। वहीं सह-आरोपी पाल यादव के विरुद्ध पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य न होने के कारण उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।