संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली जा रहे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के करीब 300 किसानों को मंगलवार को करनाल के घरौंडा क्षेत्र में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी किसानों को करीब दो घंटे तक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रखने के बाद रिहा कर दिया। गिरफ्तारी के दौरान व रिहा होने के बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुदियाना के नेतृत्व में जिले के विभिन्न गांवों से किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों का जत्था गुंदियाना, टोपरा और ससौली सहित आसपास के गांवों से करीब 50 वाहनों में निकला। किसान दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने जा रहे थे। रवाना होने से पहले किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेड डील वापस लेने की मांग उठाई।
किसानों का काफिला जब बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पहुंचा तो पुलिस ने वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद किसान वाहनों से उतरकर पैदल ही दिल्ली की ओर चल पड़े। किसानों ने करीब 10 किलोमीटर तक पैदल मार्च किया, लेकिन आगे घरौंडा क्षेत्र में पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचा दिया। बाद में सभी किसानों को छोड़ दिया गया।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुदियाना ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है। यदि यह समझौता लागू होता है तो विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ेगा, जिससे घरेलू किसानों की उपज को उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों से संवाद किए बिना ऐसा कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिसका असर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली में होने वाली महापंचायत को विफल करने के लिए किसान नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ट्रेड डील और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस मौके पर भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर, संदीप, गुरबीरसिंह, विक्रांत, कृष्ण पाल, कर्म सिंह मथाना, राजकुमार, नायब सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
एक दिन पहले किसानों ने लगाया था जाम
सोमवार को किसानों ने सहारनपुर-पंचकूला राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया गया था। किसानों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक टोल प्लाजा पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक हिरासत में लिए गए सभी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले नारेबाजी करते किसान। भाकियू