संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध की वजह से पहले ही प्लाई के दाम सात प्रतिशत बढ़ चुके हैं। अब देशभर में पहचान रखने वाले जिले के प्लाईवुड से जुड़े कारोबारियों ने अनिश्चितता के चलते नए ऑर्डर लेना लगभग बंद कर दिए हैं।
मौजूदा हालात में बाजार पूरी तरह अस्थिर है और युद्ध कितने समय तक चलेगा, इसका कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं है। ऐसे में नए ऑर्डर लेना जोखिम भरा साबित हो सकता है। एक ऑर्डर को तैयार करने में आमतौर पर एक से दो महीने का समय लगता है, लेकिन इस दौरान कच्चे माल और केमिकल के दाम तेजी से बदल रहे हैं।
युद्ध के बीच अचानक बढ़ोतरी ने उद्योग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि यदि आज के रेट पर ऑर्डर ले लिया जाए और आने वाले समय में कच्चे माल के दाम और बढ़ जाएं, तो उन्हें सीधे घाटे का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा एक और बड़ी चिंता तैयार माल के अटकने की है।
व्यापारियों को आशंका है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो ऑर्डर देने वाले ग्राहक तैयार माल लेने से मना कर सकते हैं या डिलीवरी को टाल सकते हैं। ऐसे में उन्हें तैयार प्लाई का स्टॉक अपने पास रखना पड़ेगा, जिससे पूंजी फंसने का खतरा रहेगा। प्लाईवुड कारोबारी मुकेश गुप्ता, मुदित अग्रवाल, कमल गुप्ता, अंकुर जैन और विमल मलिक का कहना है कि विदेशों से आने वाले केमिकल की सप्लाई बाधित होने से उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है।
मौजूदा परिस्थितियों में काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो छोटे और मध्यम उद्योगों को चलाए रखना मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि फिलहाल अधिकांश कारोबारी नए ऑर्डर लेने से बच रहे हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
वैश्विक घटनाओं का स्थानीय उद्योगों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। फिलहाल अनिश्चितता के इस दौर में कारोबारी नए ऑर्डर लेने से नुकसान का डर है। इसलिए सभी नए ऑर्डर लेने से बच रहे हैं। -जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।