संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें गुरुपर्व के उपलक्ष्य में गांव सारण में संत समागम का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक डेरा बाबा लाल दास, कपाल मोचन के गद्दीनशीन संत निर्मलदास ने संगत को समाज में फैली नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने और बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज की वाणी से जुड़कर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। गुरु रविदास जी ने अपनी वाणी के माध्यम से दूसरों की बुराइयां खोजने के बजाय आत्ममंथन करने की प्रेरणा दी है। समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
महंत धर्मदास बिंजलपुर ने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने बेगमपुरा ऐसे समाज की परिकल्पना की थी, जहां कोई दुखी न हो और किसी के साथ भेदभाव न किया जाए। उनके सपनों का समाज बनाने के लिए आपसी भाईचारे और समानता को अपनाना जरूरी है। महंत मामचंद दास भगवानपुर ने भी प्रवचनों के माध्यम से संगत को गुरु रविदास जी की वाणी का संदेश दिया।
संत ज्ञाननाथ निराकारी ने गुरु रविदास महाराज की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम में संगत के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था की गई। भारी बारिश के बावजूद समागम में श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और बड़ी संख्या में संगत पहुंची। इस अवसर पर सुमित कुमार, डॉ. नरेश सारण, बृजपाल सहित कमेटी के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।