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एजेेंडे से ग्रांट का प्रस्ताव हटाए जाने का मीटिंग में होगा विरोध

Thu, 16 Jul 2015 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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नगर निगम हाउस की शुक्रवार को होने वाली मीटिंग में हंगामे के आसार बन रहे हैं। मीटिंग के एजेेंडे में शामिल किए गए कुछ प्रस्तावों को हटाए जाने के विरोध में मेयर और कुछ पार्षद लामबंद हो गए हैं। वीरवार को निगम कार्यालय में मेयर और पार्षदों ने मीटिंग की।

इसमें फैसला हुआ कि नगर निगम हाउस की मीटिंग में एजेंडे से प्रस्ताव हटाए जाने का विरोध किया जाएगा। वीरवार को हुई मीटिंग में मेयर सरोज बाला के अलावा पार्षद नीलू पंडित, निर्मल चौहान, सुशल जावला, प्रिया, सतपाल डग्गा, अजय बिल्लू और भाजपा के पार्षद नीरज राणा शामिल हुए। एजेंडे में हटाए गया एक मुख्य प्रस्ताव सभी वार्डों में विकास कार्यों को धनराशि उपलब्ध कराए जाने का था।
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इन पार्षदों का कहना है कि मीटिंग के एजेंडे में कुल 54 प्रस्ताव शामिल किए गए थे। जिनमें से चार प्रस्ताव हटा दिए गए हैं। हटाए गए प्रस्तावों में सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए 50-50 रुपये ग्रांट दिए जाने, प्रोपर्टी टैक्स के लिए सर्वे करने वाली कंपनी के खिलाफ विजिलेंस जांच करवाने और हर वार्ड में मिनी लघु सचिवालय की तर्ज पर एक कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल हैं।

नगर निगम एक्ट के मुताबिक नगर निगम हाउस की मीटिंग प्रत्येक महीने होनी चाहिए। लेकिन यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम की हाउस की मीटिंग नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। पिछली मीटिंग करीब तीन महीने पहले हुई थी। नियमित रूप से मीटिंग न होने के लिए डिप्टी मेयर पवन बिट्टू मेयर सरोज बाला को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। उनका कहना है कि मेयर को अपनी पावर का ही पता नहीं है। हालांकि भाजपा खेमा  विधायकों और सांसदों को हाउस में बुलाकर कोरम पूरा कर सकता है, लेकिन भाजपा ने आज तक इसकी जहमत नहीं उठाई है।
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वर्जन
मीटिंग के एजेंडे से वार्डों में विकास कार्यों के लिए ग्रांट दिए जाने के प्रस्ताव को हटा दिया गया है। जब ग्रांट ही नहीं मिलेगी तो वार्डों में विकास कार्य कैसे हो पाएगा। हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव हटाए जाने का विरोध किया जाएगा।
सरोज बाला, मेयर, नगर निगम
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