संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की घनी आबादी के बीच चल रही पशु डेयरियों को बाहर स्थानांतरित करने की योजना पिछले 14 वर्षों से लटकी है। मौजूदा समय में करीब 145 पशु डेयरियां धड़ल्ले से चल रही हैं। गोबर की दुर्गंध, चोक नालियां और सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या से लोग परेशान हैं।
पिछले एक साल में नगर निगम की टीम यमुनानगर और जगाधरी शहर से महज पांच डेयरियों को ही कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट करा सकी है। नगर निगम की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित होकर रह गई है। इसी साल अप्रैल में निगम प्रशासन ने वार्ड-16 के चांदपुर क्षेत्र में चल रही अवैध डेयरियों का निरीक्षण कर संचालकों को सख्त चेतावनी दी थी।
निगम ने 15 दिन के भीतर डेयरियों को रिहायशी इलाकों से हटाकर कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट न करने पर सीलिंग की कार्रवाई का दावा किया था। समय सीमा बीत जाने के महीनों बाद भी न तो डेयरियां सील हुईं और न ही उन्हें शहर से बाहर भेजा जा सका। यह मुद्दा जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी गूंज चुका है। प्रभारी मंत्री ने नोटिस जारी कर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए थे।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2001 में आबादी वाले क्षेत्रों से डेयरियों को बाहर निकालने की योजना तैयार की थी। इसके तहत यमुनानगर की डेयरियों के लिए दड़वा, रायपुर और औरंगाबाद में 750 प्लॉट तथा जगाधरी के लिए कैल गांव में 119 प्लॉट काटे गए थे।
प्लॉट आवंटन के दो दशक बीत जाने के बावजूद आधी से अधिक डेयरियां शहर में ही काबिज हैं। अगस्त 2020 के निगम सर्वे में शहर के अंदर 337 छोटी-बड़ी डेयरियों की पुष्टि हुई थी। निगम पार्षद प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी और विक्रम राणा के अनुसार जमुना गली, आजाद नगर, हमीदा, चिट्टा मंदिर रोड, महावीर कॉलोनी, छोटी लाइन, कैंप और प्रोफेसर कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में डेयरियां संचालित हैं। डेयरी संचालक गोबर को नालों और खाली प्लॉटों में बहा देते हैं।
कॉम्प्लेक्स में गए डेयरी संचालक घाटे में
डेयरी कॉम्प्लेक्स कैल के प्रधान सुरजीत सिंह का आरोप है कि शहर में आज भी 50 प्रतिशत से अधिक डेयरियां गैरकानूनी तरीके से चल रही हैं। निगम प्रशासन इन्हें बाहर निकालने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। वह कई बार नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। जो संचालक नियम मानकर डेयरी कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हुए, वे आज घाटा झेल रहे हैं। इस ढुलमुल रवैये के खिलाफ जल्द ही डीसी से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।
शहर से पशु डेयरियां बाहर निकालने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी डेयरियां बाहर शिफ्ट कर दी जाएंगी।
- महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।