संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना रादौर रोड रेल फाटक पर आरओबी का काम सुस्त गति से चल रहा है। यह गत 31 मई तक पूरा होना था, पर इसमें कई माह और लगने तय हैं। रेल ट्रैक पर रेलवे का काम लगना बाकी है, वहीं रेल ट्रैक के दोनों ओर पीडब्ल्यूडी का 30 फीसद काम शेष है। आरओबी के काम में देरी से इस रास्ते निकलने वाले लोग दो से छह किमी अतिरिक्त घूमकर आ-जा रहे हैं।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में रेल फाटक बंद कर उनके स्थान पर अंडरपास या आरओबी बनाए जा रहे हैं। ऐसे ही फरवरी-2022 में पुराना रादौर रोड रेल फाटक बंद कर यहां आरओबी का काम शुरू हुआ। रेलवे ट्रैक पर रेलवे और उसके दोनों ओर पीडब्ल्यूडी का काम है। यह गत 31 मई तक पूरा करना था।
ढाई साल में भी रेल फाटक के दोनों ओर पुराना रादौर रोड व पुराना हमीदा की ओर शुगर मिल समीप तक आरओबी का 30 फीसदी तक काम बाकी है। जबकि रेलवे ट्रैक पर रेलवे का काम लगना बाकी है। इस बारे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता का कहना है कि आरओबी का निर्माण तेजी से पूरा करने के निर्देश हैं, जल्द यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
आरओबी के काम से पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता ढाई साल से बंद है। इसके एक ओर शहर तो दूसरी ओर सहारनपुर-कुरुक्षेत्र रोड व दर्जनों शहरी कॉलोनियां और सैकड़ों गांव हैं। दोनों ओर आने-जाने के लिए नौकरीपेशा, विद्यार्थी व अन्य वर्ग के लोग जमना गली अंडरपास (हल्के वाहनों पर) से दो किमी. या चांदपुर आरओबी (हल्के-भारी दोनों तरह के वाहनों पर) से छह किमी. अतिरिक्त घूम कर आ जा रहे हैं। इसमें 15 से 30 मिनट का समय ज्यादा लग रहे हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल पर भी अतिरिक्त खर्च आ रहा है।
पुराना रादौर रोड के दुकानदार एवं उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि आरओबी का काम शुरू होने से ही धीमी गति में है, इसलिए ढाई साल में भी अधूरा है। यह डेढ़ साल में पूरा होना चाहिए था, पर नहीं हुआ। इससे दुकानदारों का काम चौपट है, चूंकि आरओबी के काम से रास्ता बंद होने से अधिकांश लोग अन्य रास्तों से आ-जा रहे हैं, जिससे दुकानों पर ग्राहक नाममात्र हैं।
पुराना हमीदा निवासी दीक्षित शर्मा ने बताया कि नगर निगम के वार्ड 12, 14, 13 की कॉलोनियां और यमुनानगर व रादौर विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांव शहर से दूसरी ओर पुराना रादौर रोड रेल फाटक के पार हैं। वहां से नौकरीपेशा, विद्यार्थियों व दुकानदारों सहित हजारों लोग रेल फाटक के रास्ते शहर आते-जाते थे, जो ढाई साल से रास्ता बंद होने से जमना गली या चांदपुर से आ-जा रहे हैं। इसमें समय व धन अधिक आता है।