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गांवों में लगा रहे दरबार, पेंशनधारक कार्यालय में खा रहे धक्के

Sun, 04 Sep 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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समाज कल्याण कार्यालय - फोटो : यमुनानगर
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यमुनानगर। सरकारी कार्यालयों में सबसे अधिक समाज कल्याण कार्यालय में लोगों की आमद होती है। हर दिन यहां जिले भर से औसत 150 व्यक्ति किसी ने किसी काम से आते हैं। लेकिन इन दिनों यहां आने वाले लोग बैरंग वापस लौट रहे हैं। दरअसल विभाग मुख्यालय की ओर से लोगों की विभाग से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए खंड स्तर पर दरबार लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सप्ताह हर दिन किसी से किसी खंड में विभाग की ओर से दरबार लगाया गया। प्रत्येक दरबार में कार्यालय के तीन कर्मचारी पहुंचे। ऐेसे में कार्यालय में आने वाले लोगों की शिकायतें सुनने के लिए कर्मचारी ही नहीं मिलें।
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विभाग के मुताबिक जिला समाज कल्याण कार्यालय में डीएसडब्ल्यूओ को छोड़कर कुल सात नियमित पद हैं। इनमें एक स्वीपर, दो इन्वेस्टीगेेटर, दो असिस्टेंट, एक एकाउंटेंट व एक क्लर्क शामिल हैं। इनके अलावा कार्यालय में पांच कर्मचारी ठेके पर हैं, जिनमें असिस्टेंट, सहायक, डाटा एंट्री आपरेटर व हेल्पर शामिल हैं। विभाग की ओर से लगने वाले दरबार में प्रतिदिन एकाऊंटेंट, असिस्टेंट व क्लर्क जा रहे हैं। इनके साथ ठेके पर रखे गए दो कर्मचारी (असिस्टेंट व सहायक) भी जा रहे हैं। गत 26 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार दरबार लगे हैं। कार्यालय के पांच कर्मचारियों के दरबार में चले जाने पर कार्यालय में आने वालों की शिकायत सुनने वाले कर्मचारी ही नहीं बचें। ऐसे में प्रतिदिन सैकड़ों लोग कार्यालय में आकर वापस लौट रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में अब तक करीब 1500 पेंशनधारकों के खाते बैंक में अपलोड नहीं हुए हैं। ये खाताधारक भी पेंशन कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं।

छह महीने से लगा रहे कार्यालय के चक्कर
विहार हरिजन माजरी के बाबूराम व अशोक, धर्मकोट गांव के सुरेश, विष्णुनगर की सरबती देवी, खानपुर अहढ़ौली की फूलवती, गांव मंधार के सोमलाल ने बताया कि वे पिछले छह माह से बुढ़ापा पेंशन, बेसहारा पेंशन के लिए समाज कल्याण विभाग का दौड़ लगाकर थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे कार्यालय से 20-25 बार आ चुके हैं। यहां आने-जाने में उनका 50 रुपये खर्च हो जाते हैं। हर बार उन्हें यही कहा जाता है कि अभी पेंशन नहीं लगी है।
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एक साल में दो बार आवेदन, नहीं मिला सीनियर सिटीजन कार्ड
कार्यालय में सीनियर सिटीजन कॉर्ड लेने पहुंचे एडवोकेट गौरव मेहता ने बताया कि वे अपने दोस्त एडवोकेट राहुल सिंगला की मां का सीनियर सिटीजन कॉर्ड लेने आए हैं। उनके दोस्त राहुल सिंगला ने फरवरी 2015 में सीनियर सिटीजन कॉर्ड बनवाने के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 3983 है। कॉर्ड एक साल बाद भी नहीं प्राप्त हो सका है। विभाग के अधिकारी के कहने पर उनके दोस्त राहुल सिंगला ने दो बार फॉर्म भरकर जमा किया फिर भी कॉर्ड नहीं मिल सका है।

बार-बार कार्यालय आने से दुखने लगता है शरीर
कार्यालय में पहुंचे अहरवाला गांव के बुजुर्ग रतनलाल ने कहा कि उनका खाता दि यमुनानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड में है। वे चार बार कार्यालय का चक्कर काट चुके हैं लेकिन उनकी पेंशन खाते में नहीं जा रही है। बार-बार कार्यालय आने पर उन्हें शारीरिक पीड़ा भी झेलनी पड़ रही है।

कार्यालय में नहीं है सिटीजन चार्ट
एक तो कार्यालय में कर्मचारी कम हैं। दूसरा, कार्यालय में सिटीजन चार्ट नहीं लगा है। इससे कार्यालय में विभाग की योजनाएं जानने के लिए आने वालों को कर्मचारियों पर ही निर्भर होना पड़ता है। कार्यालय आए कैंप के हरिराम ने कहा कि यदि यहां सिटीजन चार्ट हो तो लोग उससे विभाग की योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।

वर्जन ::::
दरबार में एक डीलिंग हैंड, एक ब्लाक लेवल डीलिंग हैंड व एक सहायक जाते हैं। कार्यालय में दो कंप्यूटर आपरेटर व एक एकाऊंटेंट को लोगों की शिकायतें सुनने के लिए लगाया गया है। मैं भी आफिस में लोगों की शिकायतें सुनती हूं। सिटीजन चार्ट कार्यालय में लगा हुआ था, कार्यालय में बारिश का पानी घुसा था, जिसमें चार्ट गिरकर भीग गया। नया चार्ट कल लगवा दूंगी। सिटीजन कॉर्ड बनाने का ठेका बुड़िया की एक प्रेस को दिया गया है। वे फॉर्म के जमा करने के 15 से 20 दिन के अंदर कॉर्ड बना के दे देते हैं।
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सरोज देवी, जिला समाज कल्याण अधिकारी यमुनानगर
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