संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। गिरदावरी के मामले में निलंबत किए पटवारियों की बहाली की मांग को लेकर सोमवार को जिले के सभी पटवारी और कानूनगो ने धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। धरना प्रदर्शन दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से बुलाया गया। इसके लिए पटवारी व कानूनगो दो दिन की हड़ताल पर हैं।
इस दौरान जगाधरी अनाजमंडी गेट पर टेंट लगाकर पटवारियों ने सरकार के खिलाफ धरना दिया और नारेबाजी की। पटवारियों के हड़ताल पर होने से जिलेभर में करीब 150 इंतकाल लटक गए। इसके अलावा करीब एक हजार रिहायशी, आय सहित तमाम तरह के प्रमाणपत्र भी नहीं बन पाए।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान रामफल ने किया। प्रदर्शन में जिले के सभी 28 पटवारी और 16 कानूनगो शामिल हुए। पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने से पटवारखानों पर ताले लटक गए। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी में लोग सुबह-सुबह पटवारखाने पहुंचे तो कार्यालयों के दीवारों व दरवाजों पर हड़ताल संबंधी नोटिस चस्पा मिले।
ऐसे में लोग इस बारे इधर-उधर भटकने के साथ जानकारी लेते रहे। इससे लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। अपनी मांगों को लेकर पटवारी मंगलवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। प्रधान रामफल ने बताया कि करीब चार महीने बाढ़ व भारी बारिश के कारण कई जिलों में फसलें बर्बाद हो गई थी। सरकार के निर्देशों पर जल्द गिरदावरी शुरू कर दी गई।
इस दौरान कई स्थानों पर खेतों में काफी भरा हुआ था। ऐसे में पटवारियों ने खेतों के बाहर से खड़े होकर फोटो व वीडियो बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दी। परंतु इस मामले में सरकार ने छह पटवारियों को बिना किसी कारण के सस्पेंड कर दिया। इसका कारण खेतों के बाहर खड़े होकर फोटो व वीडियोग्राफी करना बताया गया है।
रामफल ने कहा कि बरसात में खेतों में सांप-बिच्छू इत्यादि कई तरह के जानलेवा जीव होते हैं। यदि पटवारी पानी में उतरते तो यह जानलेवा भी हो सकता था। ऐसे में खेतों के बाहर से ही फोटो व वीडियो बनाई गई थी। इसे लेकर सरकार ने छह पटवारियों को निलंबित किया है। इसी के विरोध में एसोसिएशन की ओर से प्रदर्शन बुलाया गया है।
उन्होंने कहा कि पटवारी बिना किसी सरकारी सुविधा के काम कर रहे हैं, इसके लिए सरकार को उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। परंतु इसके विपरीत उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटवारियों की बहाली के लिए लिए 30 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था। सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा यदि सरकार जल्द पटवारियों को बहाल नहीं करती तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। इस दौरान पूर्व प्रधान अभिषेक कुमार, जिला संयोजक देवी चरण फौजी, अवतार सिंह, नरेंद्र, दीपक वालिया, अंकुश शर्मा, गौरव राणा, संदीप कुमार, मनिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, रवींद्र सिंह, सोवित सैनी, रणजीत सिंह उपस्थित रहे।